11 महीने का बेटा हर महिला में मां ढूंढ रहा:झांसी में मां स्कूल जाने लगीं तो चिपक गया; लौटते वक्त हादसे में मौत

’11 महीने का मासूम अनंत अपने करीब आने वाली हर महिला में अपनी मां ढूंढ रहा है। उन्हें देखकर लपकता है, सोचता है मां आई हैं, गोद में लेकर प्यार करेंगी। मगर चेहरा देखते ही उसका भ्रम टूट जाता है, वो रोने लगता है।’ ये बच्चा कोई और नहीं, झांसी में 23 दिसंबर को रोड एक्सीडेंट में जान गंवाने वाली निधि का बेटा है। मासूम समझ नहीं पा रहा है कि उसके सिर से मां का साया उठ चुका है। निधि का परिवार हादसे की सुबह हुए घटनाक्रम के बारे में बताता है। उस दिन सुबह निधि स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी। अनंत बार-बार मां के सीने से लिपट जाता था, न पापा के पास जाता, न ही दादा-दादी उसको चाहिए थे। घर से स्कूटी बाहर निकालने के बाद निधि ने उसको 2 चक्कर घुमाया, तब वो अपने पापा की गोद में गया। वो सिर्फ 11 महीने का है, मगर अपनी मां के घर लौटने की टाइमिंग की उसको खूब समझ है। उस दिन भी वो इंतजार करता रहा, मगर निधि की रोड एक्सीडेंट में मौत हो चुकी थी। रात तक वो मां के बिना छटपटाता रहा, रात हुई तो सबको नींद आ गई। मगर अनंत नहीं सोया, सुबह 3 बजे तक वो जागता रहा। बिना मां के परिवार का कोई भी सदस्य उसको संभाल नहीं पा रहा था। मासूम अनंत की मनोदशा को समझने के लिए दैनिक भास्कर टीम झांसी में टीचर निधि गुप्ता के घर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… घर का माहौल
मध्यमवर्गीय परिवार, दिलासा देने के लिए रिश्तेदार इकट्‌ठा
निधि का घर कोतवाली एरिया के बड़ागांव गेट के बाहर मास्टर कॉलोनी में है। बाहर से देखने पर एहसास हुआ कि परिवार मध्यम वर्गीय है। वह सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बतौर टीचर काम करती थीं। घर के पोर्च में परिवार और रिश्तेदार बैठे मिले। अनंत अपने दादा राममोहन की गोद में था। वो बेहद शांत था, मगर जब दादी ने उसको गोद लिया, तो वह ताली बजाने लगा। दादा फफककर रोने लगे, बोले- उसे क्या मालूम कि अब उसकी मां कभी नहीं आएगी। अब ये ममता को तरस जाएगा। यह कहते हुए उनके हाथ कांपने लगते हैं, वो बुरी तरह से रोने लगते हैं। लोग उन्हें संभालते हैं। घर से सिर्फ 4Km पहले एक्सीडेंट हुआ
राममोहन थोड़ा संभलकर कहते हैं- बहू हर दिन अपनी जॉब पर जरूर जाती थी, वो समय पर घर वापस भी आ जाती थी। उस दिन भी हम लोग इंतजार कर रहे थे, मगर 1 कॉल आया, जिसमें हमें एक एक्सीडेंट के बारे में बताया गया। घर से 4Km दूर हादसे के स्पॉट पर बेटा आनंद पहुंचा। मगर सब कुछ खत्म हो चुका था, वहां जो सीन था, वो बताने लायक भी नहीं है। ननद बोली- थपकी देते-देते हम सो जाते हैं, ये मां को ही ढूंढता है
कमरे के अंदर परिवार की महिलाएं बैठी हुई थीं। निधि की ननद अर्चना कहती हैं- हमारे लिए भाभी का जाना, बहुत बड़ा सदमा है। अनंत रातभर रोता है, उसको संभालना हमारे लिए मुश्किल है। उसको थपकी देते हुए हम लोग सो जाते हैं, मगर अनंत नहीं सोता है। उसको देखकर आंख में आंसू आ जाते हैं। लोरी सुनाते है, उसके पापा उसे गोद में लेकर टहलते रहते हैं, मगर उसको तो मां चाहिए। वो हम कहां से लाकर दें। अर्चना कहती हैं- दिन के वक्त जैसे ही कोई महिला घर के अंदर आती है, बच्चा उसमें अपनी मां को ढूंढने लगता है, मगर चेहरा देखकर रोने लगता है। पहले खाना खाते हुए खेलता था, हंसता था… मगर अब ऐसा कुछ नहीं होता। ननद बोलीं- वो रोज अपडाउन करती थीं
ननद मीना गुप्ता कहती हैं- भाभी निधि झांसी से सटे मध्य प्रदेश के उन्नाव बालाजी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में साइंस टीचर थीं। वो रोजाना स्कूटी से अपडाउन करती थीं। मंगलवार शाम को स्कूल छुट्‌टी होने पर वो स्कूटी से घर लौट रही थी। शाम करीब 4.30 बजे राधिका आर्चिड के पास पहुंची, तो पीछे से तेज गति में आ रहे ऑयल के टैंकर ने टक्कर मार दी। वो उछलकर पहिए के नीचे आ गई। पहिया सिर के ऊपर से निकल गया। हेलमेट लगाने के बावजूद सिर बुरी तरह कुचल गया और भाभी की मौके पर ही मौत हो गई। 5 साल पहले शादी, पति वकील हैं
निधी का मायका खैलार गांव में है। वह 2013 में मध्य प्रदेश में टीचर बन गई थी। उनकी पोस्टिंग उन्नाव बालाजी में थी। 2020 में उनकी शादी मास्टर कॉलोनी निवासी आनंद गुप्ता से हुई थी। पति वकील हैं, वह टैक्स बार में प्रैक्टिस करते हैं। आंखों में आंसू लिए सास बोली- बच्चा मेरे लिए छोड़ा, बहू चली गई
निधि की सास ऊषा देवी का कहना है- बहू छोड़कर चली गई और बच्चा मेरे लिए छोड़ गई। भगवान ये क्या कर दिया तूने। मुझे उठा लेता, मगर ऐसा अन्याय न करता। जब बहू सुबह स्कूल जा रही थी। बेटा उसी की गोद में था। मैंने उसे लेने की कोशिश की तो वो अपनी मां से चिपक गया और मेरे पास नहीं आया। तब बहू उसे स्कूटी से घुमाने ले गई। थोड़ी देर बाद मेरा बेटा बच्चे को लेकर घर आ गया। हम लोग शाम को उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे, तभी हादसे की खबर आ गई। थोड़ी देर बाद पता चला कि बहू की मौत हो गई। 23 दिसंबर को हुए हादसे को जानिए… टक्कर के बाद टैंकर नहीं रोका, 100 मीटर घसीटते हुए ले गया
स्कूल ड्यूटी को खत्म करके निधि घर वापस लौट रही थी। तेज रफ्तार आयल टैंकर ने पीछे से उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टीचर सड़क पर गिर पड़ीं और टैंकर का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि शिक्षिका ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन टक्कर इतनी जोरदार अधिक थी कि हेलमेट पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के बाद भी टैंकर चालक नहीं रुका। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने ब्रेक लगाने के बजाय टैंकर को आगे बढ़ा दिया और महिला शिक्षिका को स्कूटी समेत करीब 100 मीटर तक घसीटता ले गया। सड़क पर चीख-पुकार मच गई, लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अफरा-तफरी का फायदा उठाकर टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। ………….. ये पढ़ें – उन्नाव रेप पीड़ित राहुल से मिली, बोली-रेपिस्ट को जमानत मिली:मुझे बंधक बनाया था, मेरी जान को खतरा; UP के मंत्री ने पीड़ित का मजाक उड़ाया यूपी के उन्नाव रेप केस की पीड़ित ने बुधवार शाम दिल्ली में राहुल और सोनिया गांधी से मुलाकात की। यह मुलाकात 10 जनपथ स्थित कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी के आवास पर हुई। हालांकि मुलाकात की तस्वीरें अभी नहीं आई हैं। पीड़ित ने कहा, मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मिलने की गुहार लगाई, लेकिन मुझसे कोई नहीं मिला। पढ़िए पूरी खबर…

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