दौसा में PM संवाद और खेल महोत्सव के समापन कार्यक्रम के आयोजन पर सवाल खड़े हो गए। खिलाड़ियों का आरोप है कि जिले में खेलों का आयोजन ही नहीं हुआ, तो समापन किस बात का कर रहे हैं? खिलाड़ियों ने यह भी कहा-आयोजन से जुड़े एक PTI (शारीरिक शिक्षक) से सवाल किया तो धक्के मारकर आयोजन स्थल से बाहर निकाल दिया। कहा-पीछे मुड़कर मत देखना। यह समापन कार्यक्रम गुरुवार को जिले के पंडित नवलकिशोर शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज में भारतीय जनता पार्टी की ओर से स्व.अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर किया गया था। खिलाड़ियों ने लगाए ये आरोप आरोप 1: बिना मैच ही दे दिए इनाम सिकंदरा क्षेत्र से दौसा आए खिलाड़ी मृदुल सोनी ने कहा- पीएम बोल रहे हैं कि खेलकर आगे बढ़ें। यहां बिना खेले ही इनाम दे रहे हैं। पता नहीं किसे दे रहे हैं। हम यहां खेलने आए थे। हमसे कहा था कि खेल महोत्सव हो रहा है, इसमें भाग लो, आगे जाने का अवसर मिलेगा। यहां बिना खेल ही समापन हो रहा है। पीटीआई ने कहा कि खेल नहीं हुए, बिना खेल ही पुरस्कार वितरण होगा। इनाम लेकर जाना। हम इसका विरोध करना चाहते हैं। हमें खेल का मौका मिले। इनाम लेने वाले हमसे खेलकर दिखाएं तो भी कोई बात हो। जो लायक नहीं हैं उन्हें इनाम दिए जा रहे हैं। हमें न खिलाया और न इनाम दिया। आरोप 2: रजिस्ट्रेशन किया था सूचना नहीं दी एक खिलाड़ी विष्णु ने कहा- हमने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके बावजूद हमें किसी भी प्रोग्राम की सूचना नहीं दी। न ही कोई खेल हुए। यहां आए तो पता चला कि सीधे समापन हो रहा है। विरोध किया तो धक्के मारकर निकाल दिया। कई लोगों से पूछा। उन्हें मामले की जानकारी नहीं। जिसे मामले की जानकारी थी उसने धक्के मारकर निकाल दिया। आरोप 3: PTI बोले मुड़कर मत देखना दौसा के पापड़दा से आए खिलाड़ी संजय बैरवा ने कहा- सांसद खेल महोत्सव के तहत 20 अगस्त से 25 सितंबर तक खेल रजिस्ट्रेशन हुए थे। ये रजिस्ट्रेशन ये तीन स्तर पर किए गए थे- ग्रामीण, विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र के। इनमें अलग अलग प्राइज भी थे। विधानसभा स्तर पर 51 हजार का इनाम था। मैंने वॉलीबाल का रजिस्ट्रेशन किया था। लेकिन खेल नहीं हुआ। यहां पता चला कि डायरेक्ट समापन हो रहा है। मुझे सूचना तक नहीं दी। कल अखबार से सूचना मिली। पता नहीं किसे पुरस्कार दे रहे हैं। एक पीटीआई से मैं और नवीन (अन्य छात्र) ने पूछा तो कहा-यहां से भाग जाओ। पीछे मुड़कर मत देखना। उस पीटीआई का नाम नहीं जानता लेकिन शक्ल से जानता हूं। संयोजक पूर्व सांसद, बोले-कुछ खिलाड़ी वंचित रहे इस पूरे मामले पर कार्यक्रम संयोजक करौली-धौलपुर के पूर्व सांसद मनोज राजोरिया और सह संयोजक कन्हैयालाल मीणा ने सफाई दी। कहा कि कुछ खिलाड़ी खेलों से वंचित रह गए। खेल महोत्सव में स्थानीय सांसद मुरारीलाल मीणा शामिल नहीं हुए। इस पर संयोजक मनोज राजोरिया बोले- खेलों में किसी प्रकार की राजनीति नहीं है। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती और पीएम नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पार्टी ने यह कार्यक्रम आयोजित किया है। अगर खिलाड़ियों ने शिकायत की है तो संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेंगे। हो सकता है कि किसी खिलाड़ी का खेलने का मन हो और वह शामिल न हो पाया हो। भविष्य में उन्हें शामिल कर खिलाया जाएगा। सह संयोजक और लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे पूर्व मंत्री कन्हैयालाल मीणा बोले- इन खेलों में बहुत सारे खिलाड़ी शामिल नहीं हो पाते। जिन टीमों का गठन होता है वे ही खेलों में शामिल होती हैं। खेल महोत्सव के आयोजन और समापन कार्यक्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। यहां समापन कार्यक्रम में कई विभागों के सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए। जबकि संयोजक और पूर्व सांसद ने इस पूरे कार्यक्रम को भाजपा द्वारा आयोजित होना बताया।


