युवाओं को भारतीय संस्कृति और जैन धर्म से जोड़ने के उद्देश्य से जीतो की ओर से आज से 3 जनवरी तक सम्मेद शिखर यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।इस यात्रा में सकल जैन समाज के करीब एक हजार श्रद्धालु शामिल होंगे, जिनमें करीब 300 युवा दंपती और 200 सीनियर सिटीजन दंपती शामिल हैं। 20 कोच की स्पेशल एसी ट्रेन से होंगे रवाना यात्रा आज शाम 7 बजे रेलवे स्टेशन से 20 कोच की विशेष एसी ट्रेन से रवाना हुई ।इससे पूर्व सभी यात्री कांचीपुरम के पास पार्श्वनाथ सोसाइटी में एकत्र होंगे,जहां जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और समाज के गणमान्य लोगों ने उन्हें विदा किया।यात्रियों को रेड जैकेट में तैयार किया गया और ढोल-बैंड बाजे के साथ गंगापुर चौराहा से रेलवे स्टेशन तक लाया गया,प्लेटफार्म पर रेड कारपेट बिछाया गया। ये रहेगा यात्रा कार्यक्रम यात्रा का पहला पड़ाव 27 दिसंबर को अयोध्या है। यहां भगवान श्रीराम के दर्शन और हनुमानगढ़ी व सरयू नदी के दर्शन होंगे। इसके बाद जैन समाज के पांच तीर्थंकरों की जन्मस्थली का दौरा किया जाएगा। 28 दिसंबर को वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, 84 घाट और जैन मंदिरों का दर्शन होगा। रात में वाराणसी से रवाना होकर सम्मेदशिखर पहुंचेगा। 9 किमी पहाड़ की चढ़ाई और परिक्रमा 29 दिसंबर की रात यात्रियों को नंगे पैर 9 किमी पहाड़ की चढ़ाई और परिक्रमा करनी होगी, जिससे धार्मिक अनुशासन और श्रद्धा का अनुभव बढ़ेगा।अगले दिन 30 दिसंबर को नीचे उतरकर यात्रा पावापुरी की ओर जारी रहेगी। नववर्ष 1 जनवरी को यात्री पावापुरी में रहेंगे और 2 जनवरी को विशेष ट्रेन से भीलवाड़ा लौटेंगे, जो 3 जनवरी की रात पहुंच जाएगी। सभी भोजन ओर नाश्ते सहित सुविधा ट्रेन में मिलेंगी यात्रा के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि यात्रियों के लिए ट्रेन में भोजन और चाय-नाश्ता की व्यवस्था है। रात्रि विश्राम स्थलों पर भी भोजन की सुविधा दी जाएगी।यह यात्रा युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने का अनूठा अवसर है।यात्रा के प्रत्येक चरण को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न करने की पूर्ण व्यवस्था की गई है।


