जमशेदपुर के सोनारी स्थित दोमुहानी संगम घाट पर मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। हिंदू उत्सव समिति और उम्मीद एक अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘दुमुहानी संगम महोत्सव’ में स्थानीय लोगों को वाराणसी और हरिद्वार जैसा दिव्य अनुभव मिला। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रख्यात संत त्रिदंडी स्वामी ने किया। काशी से आए विशेषज्ञ ब्राह्मणों ने देव पूजन के साथ महोत्सव की शुरुआत की। संगम तट पर श्रद्धालुओं और अतिथियों ने 5100 दीए जलाकर अलौकिक दृश्य प्रदर्शित किया। विशालकाय अल्पना और दीपों की रोशनी ने वातावरण को और भी भव्य बना दिया। हर हर गंगे का किया उद्घोष इस अवसर पर सरयू राय ने कहा कि सरकार की ओर से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग दिया गया। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि यह झारखंड के सबसे लोकप्रिय लोकपर्व को संजोने का सफल प्रयास है। हजारों श्रद्धालुओं ने ‘हर हर गंगे’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया। दुमुहानी संगम महोत्सव ने इस पवित्र स्थल को नई पहचान दी है।


