केंद्रीय सरना समिति की केंद्रीय महिला अध्यक्ष निशा भगत ने कहा कि हमलोगों ने पेसा कानून लागू कराने को लेकर गुमला से लेकर रांची तक पदयात्रा की। राज्यपाल को पेसा कानून लागू करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा था। उन्होंने कहा कि 1996 की भूरिया कमेटी की पेसा नियमावली को हू-ब-हू लागू किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर आंदोलन किया जाएगा। वहीं केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा रूढ़िवादी परंपरा-संस्कृति को मानने वाले आदिवासी समाज के लिए यह उनके लिए गौरव का क्षण है।


