भास्कर न्यूज | गांधीनगर संडे बाजार स्थित बाइबिल रीडिंग रूम में ईसाई समुदाय द्वारा प्रभु यीशु मसीह का जन्म दिवस श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारीबाग से आए पादरी पीपी सुरीन ने सामूहिक प्रार्थना कराई। कार्यक्रम में बेरमो के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग शामिल हुए। पादरी पीपी सुरीन ने प्रभु यीशु मसीह के जीवन और संदेश पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यीशु का जन्म प्रेम, शांति, क्षमा, सेवा और त्याग का संदेश देने के लिए हुआ था। उन्होंने कहा कि यीशु मसीह ने मानव को ईश्वर के करीब लाने, पाप और निराशा से मुक्ति दिलाने तथा सत्य और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि यीशु ने सिखाया कि जैसा व्यवहार हम दूसरों से चाहते हैं, वैसा ही व्यवहार हमें भी दूसरों के साथ करना चाहिए। चाहे शत्रु ही क्यों न हो, प्रेम और क्षमा का मार्ग अपनाना ही सच्चा ईसाई जीवन है। उन्होंने कहा कि यीशु मसीह किसी नए धर्म की स्थापना के लिए नहीं आए थे, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक सत्य का मार्ग दिखाने आए थे, ताकि लोग ईश्वर से पुनः जुड़ सकें और बेहतर, प्रेमपूर्ण व शांतिपूर्ण जीवन जी सकें। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने सराहा। मौके पर हेमंत हंसदा, रॉबिन सैमुअल, संदीप, रवि हेंब्रम, पुष्पा ज्वलन, विशाल सिंह, सागेन कुंडलना, रोलेन हेंब्रम, बिट्टू हेंब्रम, इमानुएल, लोरेन हेंब्रम, संतोष टुडू, ज्योति सैमुअल, मति हंसदा, रंजना हेंब्रम सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एवं युवा श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।


