भास्कर न्यूज | अंबिकापुर जिले में एक महीने से पड़ रही कड़ाके की ठंड से बिजली खपत अचानक बढ़ गई है। घरों में लोग गर्म पानी के लिए गीजर और कमरों को गर्म करने रूम हीटर इस्तेमाल कर रहे हैं। दिसंबर में अंबिकापुर में हर दिन की बिजली खपत 42.5 मेगावाट पहुंच गई है। वहीं दो माह पहले सितंबर में यह 36.5 मेगावाट थी। यानी ढाई महीने में ही करीब छह मेगावाट लोड बढ़ गया है। लोड बढ़ने के कारण विभाग भी अलर्ट मोड पर है ताकि लाइन में फॉल्ट न आए। गर्मी के दिनों में बिजली खपत इसी औसत के आसपास रहती है। हालांकि गर्मियों में यह खपत लगातार बनी रहती है और अभी सिर्फ रात व सुबह ही कुछ घंटे लोड बढ़ रहा है। शहर में लगे पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता 120 मेगावाट है और सात सब स्टेशन हैं। इससे लोड विभाजित होने से लाइन में फॉल्ट कम आ रहा है। अंबिकापुर में लोड बढ़ने का एक और कारण उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी भी है। दो साल पहले यहां 40 हजार के करीब उपभोक्ता थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 52 हजार हो गई है। यानी दो साल में करीब 12 हजार कनेक्शन बढ़े हैं। इससे भी लोड बढ़ रहा है। जिले में अब भी शीतलहर अंबिकापुर में दिसंबर के शुरू के 1-2 दिन छोड़ न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री के बीच बना हुआ है। शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं। गुरुवार को भी शहर का न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री दर्ज किया गया। उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी लोड कम करने बढ़ाए जाएंगे सब-स्टेशन बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री जयप्रकाश राजवाड़े ने कहा 132/33 केवी के सब स्टेशन में 120 मेगावाट के ट्रांसफार्मर लगे हैं। इससे यहां लोड को लेकर दिक्कत नहीं है। 33/11 केवी के सात सब स्टेशन है, जो कम है। जिस तरह से लोड बढ़ रहा है, उसे देखते हुए पांच नए सब स्टेशन के लिए जमीन की मांग की गई है। आठवां सब स्टेशन गोधनपुर में बन रहा है। इससे ट्रांसफार्मर पर लोड कम होगा और सुविधा बेहतर होगी।


