लखनऊ में KGMU की डॉक्टर हॉस्टल से कूदी:10 दिन पहले जॉइन किया था; पुलिस बोली- नौकरी के प्रेशर में सुसाइड का प्रयास

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की महिला डॉक्टर हॉस्टल से कूद गई। मंगलवार सुबह वह गंभीर हालत में नीचे पड़ी मिली। गार्ड और साथियों ने उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। उसकी हालत गंभीर है। वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। चौक थाना पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि डॉक्टर ने नौकरी के प्रेशर में सुसाइड का प्रयास किया। KGMU प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया घटना सुबह साढ़े 9 बजे की है। रेजिडेंट डॉक्टर प्रकृति वासवानी कानपुर की रहने वाली है। वह मेडिसिन की जूनियर रेजिडेंट है। अभी 10 दिन पहले ही यहां जॉइन किया था। प्रकृति गर्ल्स हॉस्टल में कमरा नंबर-206 में रहती है। ब्लड लॉस की वजह से हालत गंभीर है। दोनों कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर के साथ ही पैर में भी फ्रैक्चर है। 2 तस्वीरें देखिए डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
KGMU ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ.प्रेमराज सिंह ने बताया कि सुबह 8 से 8:30 बजे के बीच की घटना है। हॉस्टल में गंभीर हालत में मिली जूनियर डॉक्टर को एम्बुलेंस से ट्रॉमा सेंटर में लाया गया। उसे क्रिटिकल केयर मेडिसिन में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती किया गया है। ट्रॉमा सर्जरी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.समीर मिश्रा, डॉ.अनीता सिंह की निगरानी में इलाज चल रहा है। किसी वाइटल ऑर्गन में कोई इंटरनल ब्लीडिंग नहीं दिखी है। KGMU रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. दिव्यांश सिंह ने बताया कि सुबह 9 बजे करीब मुझे जानकारी मिली। मैं खुद मौके पर ट्रॉमा सेंटर जाकर जूनियर रेजिडेंट को देख आया हूं। फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर डॉक्टरों की निगरानी में है। अभी हालत नाजुक है पर कंट्रोल में है। ब्लड लॉस काफी ज्यादा हुआ है। परिजन कानपुर से ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए हैं। अभी माता-पिता गहरे सदमे में हैं। फिलहाल बात करने की स्थिति में नहीं हैं। चाचा ने कहा- सुबह फोन आया था
प्रकृति के चाचा वीनू वासवानी ने कहा- सुबह फोन आया था। उसकी सहेलियों ने बताया कि वो तैयार होकर नीचे उतर गई थीं। प्रकृति तैयार हो रही थी। इसके बाद कैसे यह हादसा हुआ हुआ कुछ पता नहीं। चाचा के मुताबिक, इलाज करने वाले डाक्टरों ने प्रकृति के पिता को जानकारी दी है कि वो खतरे से बाहर है। KGMU से ही किया था MBBS
KGMU से ही 2018 बैच की स्टूडेंट रही डॉ.प्रकृति वासनानी का PG काउंसिलिंग के बाद हाल ही में MD में दाखिला हुआ था। MD मेडिसिन में सीट अलॉट हुई थी। इस कोर्स में PG दाखिले के लिए बेहद मारामारी रहती है। ऐसे में माना जा रहा है कि जूनियर रेजिडेंट बेहद टैलेंटेड डॉक्टर थी। अचानक हुई इस घटना से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन, KGMU के प्रेसिडेंट डॉ. दिव्यांश सिंह ने बताया कि सुबह 9 बजे के करीब मुझे जानकारी मिली। मैं खुद मौके पर ट्रॉमा सेंटर जाकर जूनियर रेजिडेंट को देख आया हूं। फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर डॉक्टरों की निगरानी में है। अभी हालत नाजुक है पर कंट्रोल में है। ब्लड लॉस काफी ज्यादा हुआ है। परिजन भी आ गए हैं। KGMU के माहौल से थी परिचित, फिर क्यों लगाई छलांग?
मंगलवार को अचानक हुई इस घटना को लेकर KGMU प्रशासन सहित तमाम रेजिडेंट डॉक्टर भी हैरान हैं। ये समझ से परे है कि अचानक क्यों रेजिडेंट डॉक्टर ने ये कदम उठा लिया? 2018 बैच की रेजिडेंट डॉक्टर प्रकृति टैलेंटेड डॉक्टर हैं। वो KGMU के माहौल से परिचित थीं। रेजिडेंट डॉक्टर की रूम मेट के मुताबिक सुबह 6:30 बजे उनकी शिफ्ट थी। जब वो रूम से निकलीं, तब डॉ. प्रकृति सो रही थीं। इसके बाद करीब 8 बजकर 15 मिनट पर हॉस्टल की प्रोवोस्ट गायनकॉलॉजी कंसलटेंट ने उन्हें नीचे पड़ा देखा। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। टैलेंटेड डॉक्टर हैं प्रकृति
जानकारी के मुताबिक, 5 साल MBBS कोर्स के बाद एक साल की इंटर्नशिप भी प्रकृति ने इसी कैंपस से किया है। जुलाई 2024 तक इंटर्नशिप प्रोग्राम के बाद इसी सत्र में उन्होंने NEET PG की परीक्षा दी। टॉप स्कोर के साथ KGMU से MD मेडिसिन करने का मौका मिला। नए साल 2025 के आगाज के बाद मेडिकल PG स्टूडेंट्स ने यहां आना शुरू किया। फिलहाल मिल रही जानकारी के मुताबिक 6-7 जनवरी को फाइनल राउंड काउंसिलिंग के बाद डॉ. प्रकृति रेजिडेंट हॉस्टल में रहने आईं। ऐसे में अचानक से ये कदम हैरानी वाला है। ……………………………………….. यह भी पढ़ें कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल का नया नारा…लड़ेंगे तो जीतेंगे:गोरखपुर में संजय निषाद के मंच से बोले, हम डरते नहीं, आवाज उठाते हैं गोरखपुर में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल और निषाद पार्टी के मुखिया डॉ. संजय निषाद एक मंच पर दिखे। आशीष पटेल ने कहा-आरक्षण डॉ. संजय निषाद ही दिला सकते हैं। उन्होंने लड़ेंगे तो जीतेंगे का नारा दिया। पढ़ें पूरी खबर…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *