अलवर के अकबरपुर क्षेत्र के ग्रामीण क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (सीटीएच) की सीमा बदलने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर सौदानपुरा, भगतपुरा, डोबा, रींगसपुरी, ढहतावास, रोगड़ा, सिरावास सहित अन्य गांवों के करीब एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण अलवर स्थित मिनी सचिवालय पहुंचे। उन्होंने एडीएम योगेश ठाकुर को सीटीएच को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों निहाल सिंह, राम सिंह और रामकुमार ने बताया कि सरकार वन्यजीव संरक्षण के बजाय खदानों को लाभ पहुंचाने और व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दे रही है। उनका आरोप है कि इससे अवैध खनन को बढ़ावा मिल सकता है और बाघों के प्राकृतिक आवास पर भी गंभीर खतरा पैदा होगा। निहाल ने कहा- सरकार कह रही है की सीटीएच की सीमा में प्रस्तावित बदलाव वन्यजीव संरक्षण और वन क्षेत्र को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। हालांकि ग्रामीण इस तर्क से सहमत नहीं हैं और उन्होंने निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।


