जयपुर में 16 से 18 जनवरी तक मानसरोवर स्थित वीटी ग्राउंड पर भारत रिन्यूएबल एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। यह एक्सपो केंद्र सरकार के रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय और राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग के सहयोग से हो रहा है। इसे देश का दूसरा सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो बताया जा रहा है। एक्सपो के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को आमंत्रित किया गया है। एक्सपो की तैयारियों को लेकर सुनील बंसल की अध्यक्षता में राजस्थान सोलर एसोसिएशन (RSA) पावर कमेटी की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं, इंडस्ट्री पार्टिसिपेशन और स्टूडेंट इंगेजमेंट जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। रिन्यूएबल सेक्टर में बड़ी संभावनाएं- सुनील बंसल राजस्थान सोलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील बंसल ने बताया- केंद्र सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट और 2047 तक 1800 गीगावाट रिन्युएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा है। फिलहाल देश में करीब 250 गीगावाट उत्पादन हो रहा है, जो कुल ऊर्जा जरूरत का लगभग 10 प्रतिशत है। ऐसे में रिन्युएबल सेक्टर में अभी काफी काम होना बाकी है। उन्होंने बताया कि राजस्थान रिन्यूएबल पावर हब बन सकता है। RSA का प्रयास है कि राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी जेनरेशन के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री भी विकसित हो। इसी उद्देश्य से RSA की एग्जीक्यूटिव कमेटी में अडाणी और JWS जैसे बड़े इंडस्ट्री प्लेयर्स को जोड़ा गया है। भारत रिन्यूएबल एक्सपो सोलर इंडस्ट्री के लिए अहम मंच RSA के सीईओ नितिन अग्रवाल ने बताया कि राइजिंग राजस्थान में हुए करीब 35 लाख करोड़ के एमओयू में से 28 लाख करोड़ के एमओयू रिन्यूएबल सेक्टर से जुड़े हैं। भारत रिन्यूएबल एक्सपो के जरिए इंडस्ट्री, सरकार और सभी स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। तीन दिन के एक्सपो का हर दिन अलग थीम पर आधारित रहेगा। ऑल इंडिया टैलेंट फेस्ट और ऑल इंडिया ओलंपियाड के जरिए देश की प्रमुख यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को अपनी प्रतिभा दिखाने और रिन्यूएबल सेक्टर में करियर की संभावनाएं समझने का मौका मिलेगा। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष मनोज गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमाकांत जांगिड़, उपाध्यक्ष अरुण कुमार मेहला, प्रतीक अग्रवाल, उपाध्यक्ष शैलेश गर्ग, धनंजय कुमार और सीईओ नितिन अग्रवाल मौजूद रहे।


