राजसमंद के दरीबा खान में गत 18 दिसंबर को राजपुरा दरीबा खान मजदूर संघ ( इंटक ) से जुड़े श्रमिक नेता प्रभु लाल जाट की कार में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर एक बार फिर माहौल गर्मा गया। घटना के 8 दिन बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सर्वसमाज के करीब एक हजार लोगों ने रेलमगरा में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी चामुंडा माता मंदिर परिसर में एकत्रित हुए, जहां से जुलूस के रूप में उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार कालू सिंह राणा को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलमगरा पुलिस सहित करीब 200 पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात रहा। ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें प्लांट में अनाधिकृत रूप से घुसे युवकों के खिलाफ अब तक जिंक प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने, श्रमिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने तथा मारपीट से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक नहीं किए जाने पर सवाल उठाए गए। ज्ञापन में बताया गया कि 18 दिसंबर को मजदूरों द्वारा हड़ताल के दौरान लेड प्लांट के अधिकारी ने प्रभु लाल जाट को श्रमिकों को समझाने के लिए बुलाया था। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा हथियारों के साथ प्लांट में घुसकर मारपीट की गई और प्रभु लाल की रेनॉल्ट क्विड कार में तोड़फोड़ की गई। प्रशासन से बातचीत के बाद पांच दिनों में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।वही डीएसपी शिप्रा राजावत ने बताया कि दर्ज प्रकरण के तहत पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है ओर जांच जारी है।


