फर्जी दस्तावेज बना जमीन रजिस्ट्री: गिरफ्तार करने की जगह पुलिस बोली- आरोपी घर पर नहीं मिल रहे

भास्कर न्यूज | बिश्रामपुर सूरजपुर जिले में लटोरी तहसील के हल्का नंबर 21 ग्राम गणेशपुर में तहसीलदार और पटवारी के फर्जी हस्ताक्षर से करोड़ों रुपए की जमीन रजिस्ट्री मामले में लटोरी तहसीलदार ने पांच आरोपियों के खिलाफ नामजद सहित अन्य के खिलाफ दस दिन पहले जयनगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद अब तक एक भी आरोपी की गिरफ्तार नहीं किया गया है। नाम न बताने की शर्त पर पटवारियों ने कहा कि पैसे की लेनदेन कर पुलिस आरोपियों को बचाने में जुटी हुई है। बता दें कि भू-माफियाओं ने भूमि का फर्जी तरीके से चौहद्दी तैयार कर जमीन की रजस्ट्री दूसरे के नाम से कराई। मामला तब उजागर हुआ जब फर्जी रजिस्ट्री तहसीलदार के आईडी में दिखी। रजिस्ट्री की तारीख देखकर तहसीलदार को गड़बड़ी की आशंका हुई और फिर मामले की बारीकी से पड़ताल की गई तो मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद लटोरी तहसीलदार सुरेन्द्र पैकरा ने राजस्व कर्मियों के साथ खुद जयनगर थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया। लटोरी तहसीलदार सुरेन्द्र पैकरा द्वारा दर्ज कराए गए रिपोर्ट में बताया कि लटोरी तहसील के हल्का नंबर 21 ग्राम गणेशपुर स्थित भूमि की बीते दिनों तीन अलग-अलग रजिस्ट्री हुई है। उक्त तीनों वाद भूमि की रजिस्ट्री का बिक्री नकल मेरे द्वारा प्रदाय नहीं किया गया है और बिक्री नकल में तहसीलदार और पटवारी का फर्जी हस्ताक्षर कर सील लगाया गया है। उप पंजीयक की भूमिका भी सवालों के घेरे में तहसीलदार के मुताबिक गणेशपुर निवासी लंबी उरांव आदिवासी भू स्वामी के रिकॉर्ड को गलत तरीके से सुदामा सिंह के नाम अभिलेख प्रस्तुत किया गया था है। कृष्णदेव द्वारा स्टांप मुद्रण कराते समय भूमि को सेटलमेंट की भूमि होना उल्लेख किया गया है। दस्तावेज मंगा लिया गया है ^जयनगर टीआई नरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है। आरोपी घर पर मिल नहीं रहे हैं। प्रकरण की जांच के लिए दस्तावेज मंगा लिया गया है।

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