ग्वालियर में शुक्रवार शाम को पुतला दहन के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही भीम आर्मी के सदस्य वहां पहुंच गए। दोनों तरफ से तनाव बढ़ गया। मामला संवेदनशील था इसलिए पहले से ही पुलिस बल मौजूद था। दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि आकाशवाणी तिराहा पर कुछ लोग पुतला दहन करने वाले हैं। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। वहां कुछ वकील और अन्य लोग मौजूद थे। उन्हें हिदायत दी गई कि पुतला दहन न करें, लेकिन तभी एक वकील पुतला लेकर दौड़ता हुआ आया। मनु स्मृति जिंदाबाद के नारे लगना शुरू हो गए। इसी समय पुलिस ने वकील आशुतोष को हिरासत में लेकर पुतला छीन लिया। इस दौरान बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने पुतला दहन नहीं होने दिया। वकील आशुतोष का कहना था कि मनुस्मृति को जलाया जाता है तब पुलिस कुछ नहीं करती लेकिन जब भी हम पुतला जलाने की कोशिश करते हैं तो गिरफ्तार कर लिया जाता है। पुतला दहन की जानकारी भीम आर्मी के लोगों को भी मिली तो वे भी आकाशवाणी पहुंच गए। दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच गया और पुतला दहन नहीं हो सका। घटना के बाद दूसरे पक्ष ने एसपी ऑफिस का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया है। एडवोकेट आशुतोष पर एनएसए की कार्रवाई और तत्काल FIR की मांग की है। भीम आर्मी ने एसपी ऑफिस का किया घेराव
इस पर भीम आर्मी के सदस्यों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर वहां घेराव कर दिया। उनकी मांग थी कि एडवोकेट आशुतोष दुबे पर तत्काल मामला दर्ज किया जाए। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाए। जब तक पुलिस एक्शन नहीं लेगी आंदोलन जारी रहेगा। देखें तस्वीरें… एडवोकेट विश्वजीत रतोनिया ने वीडियो जारी कर मांग की… भारत रत्न बाबा साहब भीमराम अंबेडकर का पुतला दहन का प्रयास करने वालों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर NSA की कार्रवाई की जाए। यह शर्मनाक घटना
प्रदर्शन कर रहे एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाह ने इस घटना को शर्मनाक बताया है। उनका कहना है कि आशुतोष नामक व्यक्ति ने पुतला दहन करने का प्रयास किया है। उस पर चार से पांच मामले दर्ज हैं। फिर भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है। हमारी मांग है उस पर एनएसए लगाई जाए। एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया- फिलहाल एक संदेही युवक को पकड़ लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। भीम आर्मी के लोग भी इस दौरान वहां पहुंच गए थे। उनको बताया गया है कि कुछ भी नहीं होने दिया जाएगा।


