सीहोर के एक प्राइवेट स्कूल पर बच्चों को प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं। पेरेंट्स का कहना है कि होमवर्क नहीं करने पर बच्चों के कपड़े उतरवाकर ठंड में खड़ा किया जाता है। बच्चों से मैदान की सफाई से लेकर झाड़ू लगवाने और पेड़-पौधों में पानी डालने के काम कराए जाते हैं। मामला जताखेड़ा स्थित सेंट मार्टिन स्कूल का है। शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने शुक्रवार को स्कूल प्रिंसिपल और ड्राइवर को हटा दिया है। स्कूल पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। बजरंग दल ने किया था प्रदर्शन
शुक्रवार को बजरंग दल और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता ग्रामीणों और पेरेंट्स के साथ स्कूल पहुंचे थे। यहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी जांच के लिए पहुंचे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से अलग-अलग बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की प्रिंसिपल और ड्राइवर को तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश दिए और स्कूल पर आर्थिक दंड लगाया। पुलिस को सौंपा शिकायती ज्ञापन
मंडी पुलिस को भी शिकायत पत्र सौंपा गया है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई के भरोसे के बाद प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए। ये भी पढ़ें… होमवर्क के लिए बॉटल से सिर फोड़ा…दीवार पर पटका; रीवा में टीचर ने 5वीं के छात्र पर किया हमला रीवा में निजी स्कूल की शिक्षिका ने 11 साल के छात्र के सिर पर स्टील की वाटर बोतल दे मारी। उसे बार-बार दीवार पर पटका। बच्चा खून से लथपथ हालत में घर पहुंचा। स्कूल प्रबंधन ने न तो उसका इलाज कराया और न ही परिजन को सूचना दी। मारपीट की वजह इतनी थी कि छात्र ने होमवर्क पूरा नहीं किया था। पढ़ें पूरी खबर…


