जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग लोकल चुनाव कराने की शुरुआत पंचायतीराज चुनाव से कराएंगा। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। इसमें सबसे पहले ग्राम पंचायत स्तर के चुनाव होंगे, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव कराएं जाएंगे। इसके बाद निकायों का नंबर आएंगा। उधर चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में निर्वाचन आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। ऐसे में प्रदेश के सभी कलेक्टरों को मतदान दल बनाने की गाइडलाइन जारी कर दी है। दिव्यांग और महिला कर्मचारियों की पोलिंग पार्टी में ड्यूटी नहीं लगाने के निर्देश इसमें शामिल हैं। सेंट्रल डिपार्टमेंट या सेंट्रल के अधीन संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों और अत्यावश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों को भी पोलिंग दल में ड्यूटी नहीं लगाने को कहा है। किसी पोलिंग बूथ पर कोई महिला वोटर बुर्का या घूंघट में आती है तो उसकी पहचान के लिए जरूरत पड़ने पर पीठासीन अधिकारी स्थानीय महिला कार्मिक का सहयोग लेंगे। पोलिंग पार्टी में 5 कार्मिक होंगे। यदि पंचायती राज के सभी पदों के चुनाव एक साथ होंगे तो एक ही दल मदान कराएगा। आरओ, एआरओ नियुक्त आयोग ने आदेश जारी करके प्रदेश की सभी पंचायत समितियों में चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर ( एआरओ ) की नियुक्ति कर दी है। रिटर्निंग अधिकारी की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के उपखंड अधिकारियों को सौंपी है। कई जिलों में एक से ज्यादा पंचायत समितियों में एक ही रिटर्निंग ऑफिसर को नियुक्त किया है। वहीं तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सहायक रिटर्निंग अधिकारी के तौर पर नियुक्ति दी है। 11 माह से लगे हैं प्रशासक ग्राम पंचायतों में पूर्व सरपंच ही एक साल से प्रशासक लगे हैं। पंचायत समिति व जिला परिषदों में अफसरों को प्रशासक लगाया गया हुआ है। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्रशासक लगने की शुरुआत 15 जनवरी के आसपास हुई थी। उस समय वन स्टेट वन इलेक्शन की मंशा को आधार दर्शाते हुए ये वर्किंग हुई थी लेकिन कोर्ट के निर्देश पर 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का कार्य राज्य निर्वाचन आयोग कर रहा है।


