मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एचएल ताबियार ने घाटोल के डूंगरिया में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिक से अधिक आम योजना की ईकेवाइसी और 70 वर्ष से अधिक आयु वाले वृद्धजनों को बीमा योजना में पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि डूंगरिया में सिकल सेल एनिमिया की जांच के बाद प्राप्त सभी कार्ड को संबंधित व्यक्ति तक पहुचा दिए है, वहीं आभा आईडी और मां योजना के कार्ड का वितरण प्रतिदिन आशाओं की ओर से किया जा रहा है। इस दौरान शिविर में जांच करवाने आए जनप्रतिनिधियों को आरोग्य शिविर संबंधित दिशा निर्देशिका भेंट की। जिसमें सरकार द्वारा स्वास्थ्य के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं का समावेश किया गया है। इस दौरान जिला शिशु एवं प्रजनन अधिकारी डॉ दिनेश कुमार भाबोर भी मौजूद रहे। इस दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर खमेरा में भी निरीक्षण किया। यहां पर चिकित्सा प्रभारी अवकाश पर थे, लेकिन कॉलम खाली छोड़ा हुआ था, इस पर सीएमएचओ स्वयं ने सीएल लगाई और अगली बार किसी भी स्टाफ द्वारा अवकाश लेने पर कॉलम में दर्ज करने की हिदायत कार्यवाहक प्रभारी को दी। यहां पर लेब की भी जांच की। जिसमें पाया गया कि कुछ किट एक्सपायरी के नजदीक थे। इस पर डॉ ताबियार ने जांच किट अन्य अस्पतालों में भी भेजने के निर्देश दिए, ताकी समय पर कंज्यूम हो सके। वहीं कुछ एक्सपायरी किट के बॉक्स साइड में रखे गए पाए तो नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समय पर यदि कोई दवा हो या किट कंज्यूम नहीं हो पा रहा है तो जहां जरूरत हो वहां पर भेजे। ताकी वेस्ट न जाए। इस पर उन्होंने चिकित्सा प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए है। क्योंकि मौजूद एलटी ने बताया कि उन्होंने चिकित्सा प्रभारी को अवगत करा दिया था। यहां पर प्रसव कक्ष और प्रसूताओं से बातचीत की। प्रसूताओं ने कहा कि यहां पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया है। सभी प्रकार की दवाएं भी निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है।इसी प्रकार शहर में अहमदाबाद सोनोग्राफी केंद्र की ऑनलाइन शिकायत पर जांच की। जिसमें केंद्र के पास सभी प्रकार के डाक्यूमेंट पाए गए। केंद्र का संचालन पहले अन्य बिल्डिंग में हो रहा था। केंद्र संचालक ने लिखित अनुमति लेकर केंद्र संचालन भवन में बदलाव करना पाया गया। साथ ही चिकित्सक की रिपोर्ट पर डॉक्टर का पंजीयन नंबर पाया गया। हालांकि चिकित्सक ने बताया कि पूर्व में मानवीय भूल के कारण रिपोर्ट पर पंजीयन नंबर दर्ज करना रह गया था। लेकिन अब इस पर सुधार कर दिया गया है।


