एमपी में नकली लिक्विड यूरिया की फैक्ट्री में रेड:आरोपी ने दिल्ली में सीखी टेक्निक; लागत 30 रुपए, ब्रांडेड कंपनियों के नाम से बेचता था

बैतूल जिले के मुलताई में पुलिस ने नकली लिक्विड यूरिया बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा। यहां ब्रांडेड कंपनियों की असली बाल्टी में नकली लिक्विड यूरिया भरकर कई गुना कीमत पर बेचा जा रहा था। पता चला है कि एक बाल्टी में 15 लीटर यूरिया बनाने में करीब 30 रुपए लागत आती थी। इसे बाजार में 1300 रुपए में बेचा जाता था। इसका खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने सोमवार शाम 7 बजे छापा मारा। यहां से पुलिस ने यहां से आरओ मशीन, मिक्सर मशीन, 2 हजार लीटर लिक्विड यूरिया, 200 से अधिक कंपनियों की बाल्टियां और खाद की आठ बोरियां जब्त की हैं। पुलिस ने फैक्ट्री भी सील कर दिया है। फैक्ट्री के संचालक एजाज खान को भी गिरफ्तार किया है। डुप्लीकेट पैंकिंग कर मार्केट में बेचता था
आरोपी खान ने नकली लिक्विड यूरिया बनाने की टेक्निक दिल्ली में जाकर सीखी थी। उसके बाद मुलताई आकर उसने फैक्ट्री खोली थी। उसने बताया कि नकली लिक्विड यूरिया बनाने की तकनीक सीखने के बाद वह नकली लिक्विड यूरिया बनाकर बड़ी-बड़ी कंपनियां की डुप्लीकेट पैकिंग कर इसे मार्केट में बेचता था। एक दिन में लगभग 1 हजार लीटर यूरिया की खपत हो रही थी। एक बोरी यूरिया से लगभग 1 हजार लीटर लिक्विड बन जाता है हर कंपनी का लिक्विड यूरिया बेच रहा था आरोपी नकली लिक्विड यूरिया फैक्ट्री का संचालक एजाज खान टाटा, आयसर सहित अन्य बड़ी-बड़ी कंपनियां की नकली पैकिंग कर यूरिया बेच रहा था। जो कि ₹1300 में 15 लीटर की बॉल्टी भरकर यूरिया बेचा जा रहा था, जबकि 15 लीटर यूरिया बनने में मात्र 25 से 30 रुपए का खर्च आ रहा था। यह अवैध धंधा लंबे समय से चल रहा था। क्या है लिक्विड यूरिया
लिक्विड यूरिया का इस्तेमाल डीज़ल इंजन वाले वाहनों में होता है। यूरिया, डीज़ल इंजन में मौजूद नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) को कम करने का काम करता है। आरोपी ऐसे तैयार करता था नकली लिक्विड यूरिया
आरोपी एजाज ने बताया कि वह पहले पानी को फिल्टर करता था। फिर उस फिल्टर पानी को एक दूसरी टंकी में लाकर, उसमें यूरिया खाद मिलाकर एक दिन तक लगातार मिक्सर मशीन की सहायता से घुमाया जाता था। इसके बाद जब वह पूरी तरह पानी में घुल जाता था, तो उसे फिर से फिल्टर किया जाता था और फिल्टर करने के बाद जो द्रव्य बाहर आता था, उसकी बाल्टी में पैकिंग कर लिक्विड एरिया के नाम पर वाहन चालकों को बेच दिया जाता था। फैक्ट्री का लगभग ₹5 लाख का सामान पुलिस ने किया जब्त थाना प्रभारी राजेश सतनकर ने बताया की फैक्ट्री के संचालक एजाज खान को हिरासत में लिया गया है। वहीं फैक्ट्री का सामान भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। यह बात सामने आई है की फैक्ट्री में जिन मशीनों के माध्यम से यूरिया बनने का काम किया जा रहा था, उसे पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया है। वहीं गोदाम में रखी हुई लगभग 200 से अधिक डुप्लीकेट कंपनियों की बाल्टियां और खाद की आठ बोरियां भी पुलिस ने जब्त की है। जिसकी कीमत करीब ₹5 लाख बताई जा रही है।

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