भास्कर न्यूज | अमृतसर जलियांवाला बाग में रोजाना बड़ी संख्या में लोग शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं, लेकिन बाग की संभाल ठीक से नहीं हो रही। देखरेख और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) और प्राइवेट कंपनी की सुस्त कार्यशैली से यहां हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शहीदों की कहानी को आवाज देने वाला लाइट एंड साउंड शो पिछले 4 महीनों से बंद पड़ा है। बारिश के दौरान पानी भरने से शो चलाने वाली मशीनरी और वायरिंग खराब हो गई थी। एएसआई विभाग इसे अब तक दुरुस्त नहीं करवा पाया है। रिपेयर का काम ‘कछुआ चाल’ से चल रहा है। कंपनी पर कार्रवाई करने से एएसआई के अफसर कतराते नजर आ रहे हैं। कंपनी ने अब 10 जनवरी तक शो शुरू करने का समय दिया है, जबकि एएसआई अधिकारी भी ‘जल्द बहाली’ की बात ही दोहरा रहे हैं। इसके अलावा बाग में शहीदी कुआं, वॉकवे और पौंड की हालत भी खराब है। बाग में टूट-फूट और गंदगी चिंता बढ़ा रही है। शहीदी कुएं तक जाने वाले रास्ते की लकड़ी की फेंसिंग कई जगहों से टूटी पड़ी है, कुछ हिस्सों में तो फेंसिंग है ही नहीं। महाराष्ट्र से पहुंचे सुरेश कहा कि दोस्त ने लाइट एंड साउंड शो के बारे में इतना बताया कि वह इसे देखने के लिए एक्साइटेड था। श्री हरमंदर साहिब के दर्शन के बाद यहां आया तो पता चला कि सिस्टम महीनों से बंद है। काफी मायूसी हुई। कोलकात्ता से आए संगीता और मनीष कुमार ने बताया कि बाग में घूम जरूर लिए, लेकिन उस भयावह घटना की झलक शो के जरिए महसूस करने की जो चाह थी, वो अधूरी रह गई। पता नहीं अब दोबारा कब आ पाएंगे। जलियांवाला बाग में शाम 6 बजे तक ही एंट्री होने के कारण बाहर से आने वाले कई विजिटर बाग के अंदर जाने से चूक जाते हैं। बाहर लगे नोटिस बोर्ड देखकर मायूस होकर लौट जाते हैं। लोगों का कहना है कि पर्यटकों की आमद को देखते हुए जलियांवाला बाग में एंट्री 7 बजे तक करनी चाहिए।


