राजधानी में अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ शहर को साफ-स्वच्छ बनाने की कवायद तेज हो गई है। रांची नगर निगम ने शहर में अवैध तरीके से लगाए गए बैनर,होर्डिंग, पोस्टर या दीवारों पर लिखे गए विज्ञापन के खिलाफ कार्रवाई करना शुरु कर दिया है। निगम ने बिना अनुमति फ्लैक्स-होर्डिंग लगाने वाले 78 संस्थानों पर कुल 19.50 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है। प्रत्येक संस्थानों पर 25 हजार रुपए की दर से जुर्माना लगाया गया है। शुक्रवार को निगम की टीम ने कचहरी रोड और अपर बाजार में जांच अभियान चलाया। इस दौरान दीवारों पर विज्ञापन लिखवाने वालों पर जुर्माना लगाया गया। दीवारों पर स्वीपर का सबसे अधिक विज्ञापन मिला। ऐसे में 6 स्वीपर पर जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा द ब्लैक बोर्ड इंस्टीच्युट पर भी 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। एक ओर अवैध होर्डिंग-पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ निगम कार्रवाई कर रहा है, लेकिन दूसरी ओर शहर में रेवड़ी की तरह बांटे गए मोनोपोल के खिलाफ जांच के आदेश के बावजूद अभी तक जांच पूरी नहीं हुई। इसका नतीजा हुआ कि सभी प्रमुख रूट में हर 500 कदम पर लगाए गए बड़े-बड़े मोनोपोल शहर की छवि खराब कर रहे हैं। इससे दुर्घटना भी बढ़ी है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है दीवार-बिजली के पोल पर भी बिना अनुमति नहीं लगा सकते पोस्टर झारखंड नगर पालिका अधिनियम के तहत प्रशासक या सक्षम पदाधिकारी की अनुमति के बिना विज्ञापन प्रदर्शित करने पर रोक है। नगर निगम क्षेत्र में किसी भवन की दीवार पर विज्ञापन नहीं लिख सकते। होर्डिंग, बैनर, पोस्टर चस्पा नहीं कर सकते हैं। सार्वजनिक स्थल पर बिना अनुमति विज्ञापन प्रदर्शित करने पर 25 हजार रु. तक जुर्माना लग सकता है। दुकान के बाहर छोटा बोर्ड लगा सकते हैं। ट्रेड लाइसेंस भी हो सकता है रद्द नगर निगम में लिखित आवेदन दिए बिना होर्डिंग-बैनर,पोस्टर, दीवार लेखन या बैनर लगाकर दुकान-प्रतिष्ठान का प्रचार किया जाता है तो निगम अधिनियम के तहत इस पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे व्यक्ति या प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना नहीं देने पर ट्रेड लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। जिसके बाद अवैध होर्डिंग के साथ ट्रेड लाइसेंस नहीं होने पर अलग से 25 हजार रुपए जुर्माना लग सकता है।


