अमृतसर | सोशल एक्टिविस्ट और स्तंभकार अवनीश खोसला ने पंजाब सरकार से पतंगबाजी के लिए इस्तेमाल होने वाली डोर को लेकर अपनी नीति पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चीन या प्लास्टिक वाली माझे की डोर न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा और खतरनाक भी है। इसका बहिष्कार और इसके खिलाफ कठोर कानून पूरी तरह जायज है। किंतु, खोसला ने तर्क दिया कि भारतीय शैली से तैयार पारंपरिक सूती धागे की डोर हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिससे किसी बड़ी हानि की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्लास्टिक और भारतीय सूती डोर को एक ही पलड़े में तोलकर दोनों पर पाबंदी लगाना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल प्लास्टिक डोर पर ही कानूनी अंकुश लगाए ।


