अमृतसर| पंजाब के पूर्व डिप्टी स्पीकर प्रो. दरबारी लाल ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर संगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘दशम पातशाह’ न केवल एक लासानी योद्धा थे, बल्कि एक महान चिंतक, प्रसिद्ध दार्शनिक, ओजस्वी कवि, साहित्यकार, सरबंसदानी और जातिविहीन समाज के निर्माता थे। उनका सारा जीवन वैचारिक और व्यावहारिक क्रांतियों से सराबोर था। वे शक्ति और भक्ति के अद्वितीय संगम तथा सहनशीलता, धैर्य और मधुरता की जीवंत मिसाल थे। प्रो. लाल ने कहा कि गुरु साहिब ने सामाजिक असमानता, धार्मिक असहिष्णुता और राजनीतिक अत्याचारों के खिलाफ बड़े साहस और निडरता से संघर्ष किया। उन्होंने अपने जीवन में 14 युद्ध लड़े और राष्ट्र व धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, इसीलिए उन्हें ‘सरबंसदानी’ कहा जाता है। प्रो. लाल ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने सदियों से चली आ रही छुआछूत को तिलांजलि देकर एक समतावादी समाज का निर्माण किया।


