प्रदेश में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से हिंदुओं को लेकर आगाह किए जाने से उपजे विवाद में सियासी संग्राम छिड़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर उनके बयान पर हमला किया। भूपेश ने सीधे आरोप लगाया कि शास्त्री धार्मिक आयोजनों की आड़ में पैसा बटोरने छत्तीसगढ़ आते हैं। वो भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। भूपेश के इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को कड़ी आपत्ति जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों और संत परंपरा का देश है, जहां सदियों से साधु-संतों का सम्मान किया जाता रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर को किसी राजनीतिक दल का एजेंट कहना न केवल एक संत का अपमान है, बल्कि सनातन धर्म की परंपरा पर भी प्रहार है। ऐसे बयानों पर अंतिम फैसला जनता स्वयं करेगी। इससे पहले भूपेश ने कहा था कि जब धीरेंद्र शास्त्री पैदा भी नहीं हुए थे, तब से मैं हनुमान चालीसा पढ़ रहा हूं। वह कल का बच्चा है। हमें सनातन धर्म सिखाने चला है। भूपेश ने कहा कि यदि उनके लगाए दिव्य दरबार में लोग ठीक हो रहे हैं, तो फिर मेडिकल कॉलेज खोलने की जरूरत क्यों पड़ रही है। धीरेंद्र शास्त्री को खुली चुनौती है, चाहें तो वे छत्तीसगढ़ के किसी भी साधु-संत से शास्त्रार्थ कर लें। भूपेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती कबीर साहेब और गुरु घासीदास की विचारधारा से जुड़ी है। यहां की आध्यात्मिक परंपरा बहुत पुरानी है। किसी बाहरी व्यक्ति से सीखने की जरूरत नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री से उनका बेटा भी उम्र में 10 साल बड़ा है। इससे पहले कांग्रेस ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सरकारी विमान का उपयोग किए जाने पर भी सवाल खड़े किए हैं। साय ने कहा – पीठाधीश्वर को एजेंट कहना संतों का अपमान, जनता बर्दाश्त नहीं करेगी समाज को जोड़ने में लगे शास्त्री: डिप्टी सीएम भूपेश बघेल के बयान पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा- ‘बाबा बागेश्वर समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं। भूपेश बघेल को इसमें दिक्कत क्या है? भूपेश के पास भीड़ नहीं जुटती और महाराज के पास जुटती है।’ रावण के विचारों के साथ हैं भूपेश: चंद्राकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि भूपेश भले ही हनुमान चालीसा पढ़ते हों, लेकिन उनका साथ कुंभकरण और रावण के विचारों के साथ नजर आता है। किसी के संस्कार उसकी वाणी व आचरण से झलकते हैं, वही तय करता है कि प्रभाव कहां तक है। इधर, राजूदास महाराज बोले- संतों पर टिप्पणी न करें भूपेश
भूपेश को संत समाज ने सीधा जवाब दिया है। अयोध्या से आए संत राजू दास महाराज ने भिलाई में दिव्य हनुमंत कथा के मंच से बघेल को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वाकई में तुम्हारे माता-पिता कभी हिंदू रहे हों तो फिर इस प्रकार से संतों पर टिप्पणी नहीं करना, नहीं तो ऐसे ही तुम्हारी दुर्गति हो जाएगी। संतों पर की गई ओछी टिप्पणियां न केवल अनुचित हैं, बल्कि सनातन संस्कृति का अपमान हैं।


