बलरामपुर जिले में अवैध धान परिवहन और किसानों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों के दुरुपयोग के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम कुर्लडीह निवासी श्याम सुंदर गुप्ता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3, 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, बीती रात लगभग 8 बजे राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से धान का परिवहन कर रहे एक पिकअप वाहन को रोका। वाहन चालक से पूछताछ में पता चला कि धान को ग्राम कुर्लडीह निवासी श्याम सुंदर गुप्ता के घर ले जाया जा रहा था। घर में छापेमारी में भारी नकद और धान बरामद इसके बाद संयुक्त टीम ने श्याम सुंदर गुप्ता के घर पर दबिश दी। मौके पर जांच के दौरान लगभग 400 बोरी धान और 1 लाख 67 हजार 100 रुपये नकद बरामद किए गए। श्याम सुंदर गुप्ता ने नकदी को अपने छोटे भाई के व्यवसाय की राशि बताया। किसानों के खाते और दस्तावेज बरामद घर से बड़ी संख्या में किसानों की ऋण पुस्तिकाएं, बैंक पासबुक, चेकबुक, भरे और कोरे विड्रॉल फॉर्म, जमा पर्चियां, तौल पर्चियां, डायरी, बैंक रजिस्टर, टोकन पर्चियां और अन्य लेखा-जोखा से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए। एक अलग बैग से विभिन्न किसानों के आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक, चेकबुक, मोबाइल फोन और वाहन दस्तावेज भी मिले। मौके से पिकअप वाहन क्रमांक यूपी 64 सीटी 4218 और मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 15 डीवाय 4601 को भी जब्त कर थाना सनावल भेजा गया। श्याम सुंदर पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि श्याम सुंदर गुप्ता किसानों के बैंक खाते, चेकबुक और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में रखकर सीमावर्ती राज्यों से कम कीमत पर धान खरीदकर छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में बेच रहा था। बैंक विड्रॉल पर्चियों पर पहले से किसानों के हस्ताक्षर होना बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है। प्रशासन के अनुसार, यह कृत्य शासकीय नियमों के विरुद्ध है और किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला है। इस पूरे प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया गया है और आगे की जांच जारी है।


