अनदेखी से स्थिति जस की तस हो गई

भास्कर न्यूज | बालोद नीर चेतना अभियान के तहत जिला मुख्यालय बालोद सहित जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी की सफाई श्रमदान से 31 दिसंबर को होगी। जिला प्रशासन के पहले दैनिक भास्कर के अभियान के तहत नदी की सफाई हुई थी। वर्तमान में नदी को सहेजने, संवारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने मुहिम शुरू की है। जिसके तहत लोगांे से श्रमदान करने अपील किया गया है। वर्तमान में जलकुंभियों और गंदगी से प्रभावित हो चुकी नदी को साफ करने के लिए 31 दिसंबर को सुबह 8 बजे से श्रमदान के माध्यम से सफाई की शुरुआत होगी। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि जिले में जल के संरक्षण एवं संवर्द्धन निरंतर जल संचय जन भागीदारी के लिए नीर चेतना अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने और उसे सुसज्जित करने, नदी को प्रदूषण मुक्त कर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास से तस्वीर बदलने की प्लानिंग है। अभियान में जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, जागरूक नागरिक, ग्रामवासी, समाजसेवी संस्थाएं, खेल संगठन, पेंशनर संगठन, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं, महिला कमाण्डो, राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र, रेडक्रास आदि अपना योगदान देंगे। वर्ष 2022 में 18 जून से 18 सितंबर तक तीन माह तक तांदुला नदी के जलकुंभियों की सफाई हुई थी। कुछ माह बाद अनदेखी की वजह से दोबारा स्थिति जस की तस हो गई। हालांकि कभी कभार नगर पालिका या जिला प्रशासन व अन्य संगठनों के माध्यम से तांदुला नदी में जलकुंभियों को निकालने, सफाई का दौर चलता आ रहा है। पिछले दो साल में तांदुला नदी की सफाई के बाद लोगांे के हित में कई काम कराने की योजना बनी है लेकिन अब तक काम शुरु नहीं हो पाया है।

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