भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर ‘एक शाम अटल के नाम’ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन शनिवार देर रात तक नगर पालिका परिषद और सहमत संस्था के संयुक्त देखरेख में नगर पालिका परिषद प्रांगण में हुआ। इस काव्य सम्मेलन में देश के प्रसिद्ध कवियों ने देशभक्ति, कृष्ण भक्ति, समसामयिक मुद्दों पर व्यंग्य और हास्य से परिपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कीं। श्रोताओं ने काव्य रस का भरपूर आनंद लिया। कवि सम्मेलन में धार से हास्य सम्राट जानी बैरागी, ‘लपेटे में नेता जी’ के कवि डॉ. आदित्य जैन, प्रयागराज से गीत सम्राट शैलेंद्र मधुर, नई दिल्ली से कवयित्री वेदऋचा माथुर, कोटा से वीर रस के परमानंद दधीच और सरल रस के कवि साहेबलाल दशरिए ने अपनी रचनाएं पेश कीं। यह पहला अवसर था जब जानी बैरागी बालाघाट पहुंचे। कविता से सजी शाम, नारी शक्ति का संदेश नगर पालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर ने भी इस अवसर पर काव्यपाठ किया। उन्होंने बालाघाट के प्रति अपने प्रेम पर ‘तेरे प्यार में ये बालाघाट’ और नारी शक्ति पर ‘हाथों में खड्ग जिसके, अंगों में साड़ी है, कोई और नहीं वो तो भारत की नारी है’ जैसे गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन सहमत संस्था के प्रतिनिधि राजेंद्र शुक्ल ‘सहज’ ने किया। परिषद प्रतिनिधियों और सुधी श्रोताओं ने काव्य रचनाओं का भरपूर आनंद लिया।


