उत्तर छत्तीसगढ़ शीतलहरों की चपेट में है। सरगुजा संभाग के पाट से लेकर मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शीतलहरों के कारण मैनपाट में न्यूनतम तापमान गिरकर 1 डिग्री के करीब पहुंच गया है। संभाग के पाट से लेकर मैदानी इलाकों तक जमकर पाले पड़े। मौसम विभाग ने 31 दिसंबर तक शीतलहरों का अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सर्द हवाओं के कारण सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रविवार को मैनपाट में पाले की चादर बिछी दिखी। ओंस की बूंदें घास व पत्तियों में जम गई थी। सरगुजा के पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी जमकर पाले पड़े। पिछले 24 घंटों में मैनपाट का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री दर्ज किया गया है जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहरों का अलर्ट
मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग में 31 दिसंबर तक शीतलहरों के लिए अलर्ट जारी किया है। सरगुजा के मैदानी इलाकों में भी शीतलहरों के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पिछले 24 घंटों में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया है। हालांकि शनिवार को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम साफ रहने से दिन का अधिकतम तापमान बढ़ा है। अंबिकापुर में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री दर्ज किया गया है। यह दर्ज औसत से करीब 1.3 डिग्री ज्यादा है। अभी पड़ेगी कड़ाके की ठंड
सरगुजा संभाग में इस वर्ष ठंड ने नए रिकार्ड बनाए हैं। नवंबर के बाद दिसंबर माह में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि मौसम पूरी तरह से साफ है और उत्तरी शीतलहरें तेजी से प्रवेश कर रही हैं। इस कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। आने वाले दिनों में भी कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। सरगुजा में पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण शाम ढलते ही पाट से लेकर मैदानी इलाकों में सन्नाटा पसरने लगा है। लोग ठंड से बचने अलाव का सहारा ले रहे हैं।


