चेसिस-इंजन नंबर में हेराफेरी की थी हेराफेरी:ग्वालियर कोर्ट ने जुर्म साबित होने पर सुनाई 7 साल की सजा, 15 हजार जुर्माना भी लगाया

ग्वालियर विशेष सत्र न्यायालय ने वाहन रजिस्ट्रेशन धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी विक्रम शर्मा को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उसे जाली दस्तावेजों का उपयोग करने के आरोप में सात साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, इस मामले में सह-आरोपी दीपक गुप्ता को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह मामला वर्ष 2018 का है। जांच में पता चला था कि एक मल्टी एक्सल कंटेनर ट्रक के असली रजिस्ट्रेशन,चेसिस और इंजन नंबरों में हेराफेरी की गई थी। आरोपियों ने अलग-अलग वाहनों की नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इसका मुख्य उद्देश्य वाहन को वैध दिखाकर परिवहन परमिट और बीमा लाभ प्राप्त करना था। आरोपी विक्रम शर्मा ने जानबूझकर इन जाली दस्तावेजों का उपयोग किया। यह कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि परिवहन व्यवस्था और बीमा प्रणाली के साथ एक बड़ी धोखाधड़ी भी है।

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