झीलों की नगरी में घूमने आने वाला टूरिस्ट अगर यहां सज्जनगढ़ सेंचुरी में मानसून पैलेस नहीं घूमकर जाए तो उदयपुर अधूरा ही होता है। अहम बात यह भी है कि यहां बार-बार आने वाले टूरिस्ट इस जगह को तो अपने टूर प्लान में रखते ही है। वजह भी है कि वहां से उदयपुर की झीलें, वादियां निहारने के साथ ही ऐसा लगता है कि मानो बादलों के नजदीक है। दिसम्बर महीना ने तो पूरे साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया यहां इस महीने में सबसे ज्यादा टूरिस्ट आए है। उदयपुर शहर के सज्जनगढ़ के मुख्य गेट से मानसून पैलेस पर जाने का रास्ता शुरू होता है। सेंचुरी के अंदर होकर सर्पिलाकार रास्ते की चढ़ाई पार करते हुए पहाड़ी के टॉप पर जाना होता है और वहां उदयपुर शहर की वादियां टूरिस्ट देखता है। यह समुद्र तल से 944 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। वन विभाग के अधीन इस टूरिस्ट प्वाइंट पर सबसे ज्यादा टूरिस्ट आते है। यहां सबसे ज्यादा टूरिस्ट शाम के समय आते है क्योंकि शाम का नजारा यहां का बहुत अलग होता है। सनसेट प्वाइंट पर इतने टूरिस्ट होते है कि उस समय शोर के बीच यहां का मजा ही कुछ अलग होता है। नव वर्ष मनाने के दौरान जब यहां टूरिस्ट आते है तब प्रतिदिन 5000 टूरिस्ट तक की एंट्री होती है तो सबसे ज्यादा प्रतिदिन के हिसाब से होते है। 2024 में दिसम्बर महीने में यहां सबसे ज्यादा टूरिस्ट आए थे और उसमें में भी दिसम्बर महीने के आखिरी सप्ताह जिसमें क्रिसमस और नए साल पर टूरिस्ट की संख्या जयादा रही। 1 दिसम्बर से लेकर 31 दिसम्बर तक 71,354 पर्यटक यहां घूमने आए। इससे सरकार के राजकोष में 1,49,57,855 रुपए प्राप्त हुए है। पूरे साल में पौने चार लाख टूरिस्ट आए
यहां 2024 के डेटा को देखे तो पूरे साल में करीब पौने चार लाख टूरिस्ट आए। 1 अप्रेल 2024 से 31 दिसम्बर 2024 तक 9 महीने में कुल 3,76, 669 पर्यटकों ने सज्जनगढ़ मानसून पैलेसे का विजीट किया। इससे सरकार के वन विभाग को 8,12,90, 755 का राजस्व मिला। वित्त वर्ष की बात करें तो अभी जनवरी, फरवरी और मार्च महीने की केलकुलेशन बाकी है। महकमे ने टूरिस्ट के लिए सुविधाएं विकसित की
टूरिस्ट के लिए वन विभाग ने भी सुविधाएं विकसित की। इसमें चाईल्ड केयर रूम, आधुनिक टॉयलेट, विकसित किए। पर्यटकों को पेयजल व्यवस्था के लिए आर. ओ. वाटर फिल्टर मानसून पैलेस पर लगाया गया है। मानसून पैलेस पर सांरगी की धुन बजाने की व्यवस्था की गई जिससे वहां आने वाले टूरिस्ट ने बहुत पसंद किया। नीचे टिकट विंडों के पास पुरुष एवं महिलाओं के लिये जन सुविधाएं विकसित की गई। शाम के समय का व्यू जोरदार रहता
यहां पर आने वाले टूरिस्ट के लिए शाम के समय का व्यू सबसे जोरदार रहता है। यहां पर सनसेट के समय का नजारा देखने के लिए सबसे ज्यादा एक साथ टूरिस्ट होते है। तब शोर के बीच टूरिस्ट उस पल को इंजॉय करता है। यहां उदयपुर की झीलें और वादियों के बेकग्राउंड में टूरिस्ट तस्वीरें खिंचवाते है और अपने मोबाइल से रिल्स बनाते है। पहाड़ियों और जंगल के बीच यहां का नजारा बहुत आकर्षित करता है। यहां बारिश के समय तो हरियाली से और चार चांद लग जाते है। जब आसमान में बादलों का डेरा होता है तब ऐसा अहसास होता है कि यहां आने वाला टूरिस्ट बादलों के बिल्कुल करीब है। सेंचुरी के आसपास कई रिसॉर्ट
सज्जनगढ़ सेंचुरी के आसपास बड़ी संख्या में रिसॉर्ट और होटल हैं। सज्जनगढ़ के मुख्य गेट के पास से जा रहे रास्ते पर भी रिसॉर्ट हैं। वहीं बड़ा हवाला वाली रोड और शिल्पग्राम रोड पर भी रिसॉर्ट हैं। इसके आगे रामपुरा, कोड़ियात वाली रोड पर भी बड़ी संख्या में रिसॉर्ट और फाइव स्टार होटल हैं। टूरिस्ट को सज्जनगढ़ मानसून पैलेस घुमाने का भी प्रबंध रिसॉर्ट संचालकों की ओर से किया जाता है। जानिए मानसून पैलेस के बारे में
मेवाड़ राजवंश के महाराणा सज्जन सिंह ने इस पैलेस को 1884 में बनवाया था, इसलिए इसका नाम सज्जनगढ़ रखा गया। सज्जन सिंह का असामयिक निधन होने से महल का निर्माण रुक गया था। इसके बाद उनके उत्तराधिकारी महाराणा फतेह सिंह ने महल के निर्माण का काम पूरा किया। दावा किया जाता है कि बारिश की पहली बूंद इस पैलेस पर ही गिरती है। ऐसे में राजपरिवार मानसून का लुत्फ उठाने यहीं आता था। कहा जाता है कि महाराणा सज्जन सिंह ने अपने पैतृक घर चित्तौड़गढ़ का नजारा देखने के लिए इसे पहाड़ी की चोटी पर बनवाया था। उदयपुर से चित्तौड़गढ़ की दूरी करीब 110 किलोमीटर है। हालांकि बढ़ती आबादी और शहरी-ग्रामीण विकास के बाद अब यहां से उदयपुर शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाके भी दिखते हैं। यह सुंदर महल सफेद संगमरमर से बना है। ऊंचाई पर ऐसे जा सकते सज्जनगढ़ के मुख्य गेट से आप ऊंचाई के लिए सफर शुरू कर सकते है। यहां से आप दुपहिया और चार पहिया वाहन से जा सकते है। अपना वाहन नहीं होने पर यहां से गाड़ियों की व्यवस्था भी है जिससे आप टिकट देकर जा सकते है। इसके अलावा आप पैदल भी जा सकते है। नीचे से ऊंचाई तक करीब चार किलोमीटर का सफर है। सर्पिलाकार रास्ते से चढ़ाई पर जाना होता है। फॉरेस्ट की इस साइट पर बहुत कुछ सज्जनगढ़ मानसून पैलेस को देखने के लिए सबसे ज्यादा टूरिस्ट रहते है। दिसम्बर महीना सभी महीनों पर भारी रहता है। सज्जनगढ़ पर मानसून पैलेस, तलहटी में बायो पार्क है और जल्द लॉयन सफारी भी यहां पास ही शुरू करेंगे। उदयपुर आने वाला टूरिस्ट यहां पूरा एक दिन घूमे इतना कुछ है।
डीके तिवारी, डीएफओ वाईल्ड लाइफ सज्जनगढ़ की टिकट राशि को जाने


