क्या आपके पेट में दर्द रहता है। खून की कमी है। पेट फूल रहा है और आपकी उम्र 50 के ऊपर है। फिर तो सतर्क हो जाइए। जिस लक्षण को आप सामान्य समझ रहे हैं, वह आंतों का कैंसर हो सकता है। इसलिए फौरन अपनी जांच कराइए। राजस्थान में आंतों के कैंसर से संबंधित जांच फ्री में होती है। आंतों के कैंसर के बढ़ते मामलों से चिकित्सा विभाग नए सिरे से विचार कर रहा है। आंतों के कैंसर का जल्द पता लगाने के लिए आईसीएमआर 50 साल से अधिक आयु के लोगों की जांच जरूरी करने की तैयारी में है। इसके लिए देश के चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों (SMS सहित) से 15 हजार लोगों की सर्वे रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। रिपोर्ट के बाद तय होगा कि आंतों के कैंसर से बचाने के लिए जांच प्रक्रिया निर्धारित हो या नहीं? कुछ साल में आंत का कैंसर बढ़ा है। इसके लक्षण बेहद सामान्य होते हैं और सामने नहीं आते। ऐसे में इसकी जानकारी तीसरी या चौथी स्टेज में होती है। शुरुआत में मरीजों में कैंसर के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं
बड़ी आंत के कैंसर के लक्षण सामने नहीं आते। लोग सामान्य बीमारी समझकर पेट दर्द की दवा लेते रहते हैं। अधिकांश समय डॉक्टर्स भी इसे नहीं समझ पाते। जब कोलोनोस्कोपी की जाती है, तब इसका पता चलता है। लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है और कैंसर तीसरी या चौथी स्टेज तक पहुंच चुका होता है। लक्षण नहीं तो FIT टेस्ट
एसएमएस, पीजीआई चंडीगढ़, दिल्ली एम्स, एसजीपीआई लखनऊ, भुवनेश्वर एम्स, केरल, पंजाब, बिहार मेडिकल कॉलेज से सर्वे कराकर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। एसएमएस के गेस्ट्रेंटोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश जैन का कहना है कि बिना लक्षण वाले लोगों का एफआईटी टेस्ट किया जा रहा है। हर माह 20 केस कैंसर के
आईसीएमआर चाहता है कि जागरूकता आए और लोग इसकी जांच कराएं। एसएमएस के गेस्ट्रेंटोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश जैन बताते हैं राजस्थान में जांच फ्री है। अभी हर महीने 20 केस आंतों के कैंसर के आते हैं, लेकिन उनकी स्टेज तीसरी या चौथी होती है। सर्वे ICMR को भेजेंगे
गेस्ट्रेंटोलॉजी विभाग के अध्यक्ष और प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर डॉ. रूपेश पोकरणा ने बताया- एसएमएस को प्रोजेक्ट मिला है। हम सर्वे कर आईसीएमआर को रिपोर्ट भेज देंगे। उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग जांच कराएं ताकि समय पर इलाज हो सके और जान बचाई जा सके।


