नीमच में नामी सराफा कारोबारी बहादुर सोनी के निधन के बाद उनके ग्राहकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रविवार दोपहर को 60 से अधिक पीड़ित ग्राहक नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार संजय मालवीय को ज्ञापन सौंपा। ग्राहकों का आरोप है कि उनकी करीब 15 करोड़ रुपए की पूंजी ‘सत्यम ज्वेलर्स’ में फंसी हुई है। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने बहादुर सोनी पर भरोसा कर अपनी जीवनभर की कमाई, सोना-चांदी और नकदी गहने बनवाने के लिए सौंपी थी। उनकी मौत के बाद अब यह अमानत संकट में दिख रही है। परिवार नहीं ले रहा जिम्मेदारी ग्राहकों का आरोप है कि बहादुर सोनी के निधन के बाद उनका परिवार और व्यापारिक साझेदार इस पूरी देनदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बहादुर सोनी की पत्नी प्रमिला सोनी, बेटे विक्रम और सौरभ सोनी, भाई घनश्याम, मुनीम जसवंत और बने सिंह भी इस पूरे कारोबार से वाकिफ थे, लेकिन अब कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। सबसे ज्यादा राशि किसानों की फंसी ज्ञापन में ग्राहकों ने बताया कि वे वर्षों से ‘सत्यम ज्वेलर्स’ से जुड़े हुए थे। बहादुर सोनी ने कई ग्राहकों को फर्म के लेटरपैड पर बकायदा रसीदें भी दी थीं। प्रभावितों में किसानों की संख्या सबसे अधिक है। इन किसानों ने अपनी जमीन गिरवी रखकर या कड़ी मेहनत से फसल बेचकर बेटियों की शादी के लिए गहने बनवाने के लिए पैसे जमा किए थे। ग्राहकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के फरार होने से पहले उन पर सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी जमा पूंजी वापस दिलाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह मानसिक पीड़ा गंभीर परिणाम दे सकती है।


