टोंक में जिला मुख्यालय समेत जिले के कई हिस्सों में बुधवार देर रात बारिश हुई। वहीं गुरुवार सुबह अधिकांश हिस्सों में कोहरा और हल्के बादल छाए रहे। साथ ही गलन और शीतलहर भी बढ़ गई। इससे तापमान भी गिर गया। जिले के अधिकांश इलाकों में लगातार छठे दिन गुरुवार को सुबह 9 बजे तक भी कोहरा छाया रहा। इससे विजिबिलिटी कई जगह 30-40 मीटर रही। हालांकि जिला मुख्यालय पर आज कोहरे का असर कम रहा, लेकिन आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। उन्हे 30-40 मीटर की दूरी पर भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। साथ ही अन्य दिनों के मुकाबले आज गलन और शीतलहर का अहसास ज्यादा हुआ। ऐसे में लोग घरों से कम निकले।
कई जगह लोग अलाव तापते देखे गए। हालांकि हल्के बादल छाने से जिले में गुरुवार को अधिकतम तापमान भी बीते 24 घंटे के मुकाबले दो डिग्री सेल्सियस बढ़कर 19 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार है। न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट
जबकि बीती रात कई जगह बारिश होने के बाद गलन, शीतलहर बढ़ गई। इससे न्यूनतम तापमान 24 घंटे में ही 3 डिग्री सेल्सियस गिर गया। बीती रात का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे रात से ही गलन और बढ़ गई। इससे लोगों को पहले से ज्यादा सर्दी से अहसास हुआ। उन्हे सर्दी से ज्यादा राहत नहीं मिली। लोग सर्दी से राहत पाने के लिए ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई जगह अलाव का सहारा लिया। वहीं इस गलन से दुपहिया वाहन चालकों को एक बार फिर से सर्दी, कोहरे से काफी परेशान होना पड़ा है। आज भी विजिबिलिटी करीब 30-40 मीटर होने से वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से गुजरना पड़ा। इससे जयपुर-कोटा का लंबा सफर करने वाले यात्रियों को देरी से पहुंचना पड़ा। सुबह 9 बजे तक भी अधिकांश जगह सूर्य के दर्शन नहीं हुए। इससे लोग धूप के लिए तरसते रहे। गलवानियां में हुई सबसे ज्यादा बारिश
जिले में सबसे ज्यादा बारिश बीते 24 घंटे में सुबह 8 बजे तक गलवा रेनगेज सेंटर पर 3 MM, ठीकरिया में 15 MM, गलवानिया में 25 MM, पीपलू में 4 MM, माशी और निवाई में 1-1 MM, नासिरदा में 4 MM, चांदसेन में 6 MM, मालपुरा में 2 MM बारिश हुई है। इसके अलावा भी कई जगह बारिश हुई है,लेकिन वहां रेन गेज सेंटर नहीं होने से उसके आंकड़े नहीं आ पाए।


