मुरैना में राष्ट्रीय कांग्रेस सचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और राजस्थान की भरतपुर सांसद संजना जाटव की अध्यक्षता में रविवार को कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अतिथियों के रवाना होते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसका वीडियो भी सामने आया गया है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एक साथ भोजन स्थल पर पहुंचे। भीड़ अचानक बढ़ने से वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। भोजन काउंटरों पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और कई कार्यकर्ता लाइन में लगने के बजाय सीधे खाने पर टूट पड़े। प्लेट अधूरी, हाथों में अलग-अलग सामान
अफरा-तफरी के दौरान किसी के हाथ में सिर्फ पूड़ी दिखी तो किसी के पास केवल सब्जी या बूंदी। कई कार्यकर्ता बिना पूरी थाली के ही जो मिला, उसे लेकर आगे बढ़ते नजर आए। अव्यवस्थित वितरण के कारण कुछ लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल सका, जबकि कुछ खाने का सामान इधर-उधर गिरता भी दिखाई दिया। कार्यकर्ता ने बनाया वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो कार्यक्रम में मौजूद एक कार्यकर्ता ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खाने के दौरान कोई तय व्यवस्था नहीं थी और भीड़ के कारण हालात बेकाबू हो गए थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किया इनकार
कांग्रेस जिला अध्यक्ष गजेंद्र सिंघी ने कहा कि उनके संज्ञान में खाने को लेकर किसी तरह की अफरा-तफरी की जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भोजन पर्याप्त मात्रा में बनवाया गया था। यदि कोई वीडियो सामने आया है तो उसकी जानकारी दी जाए, ताकि वस्तुस्थिति स्पष्ट की जा सके। व्यवस्था पर उठे सवाल
कार्यकर्ता सम्मेलन जैसे बड़े राजनीतिक आयोजन में भोजन वितरण के दौरान मची अफरा-तफरी ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा में है और आयोजन में भीड़ प्रबंधन को लेकर नई बहस छिड़ गई है।


