छत-पानी की टंकी पर चढ़कर करना पड़ता है कॉल:गुदड़ी थाने में नहीं लगता मोबाइल कॉल, ब्लॉक ऑफिस में ऑनलाइन काम भी ठप

झारखंड में गुदड़ी थाना ऐसा है, जहां तैनात थानेदार से संतरी तक को मोबाइल पर बात करने के लिए जुगाड़ का सहारा लेना पड़ता है। अफसरों व जवानों को पानी की टंकी, सीढ़ी या टीले पर चढ़कर कॉल लगाना पड़ता है। गुदड़ी का इलाका अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। यहां नक्सल ऑपरेशन के लिए डेढ़ दशक से आईआरबी व जैप की एक-एक कंपनी तैनात है। पुलिस को कोई सूचना देना चाहे तो नहीं दे सकता। क्योंकि 30 किमी दायरे में नेटवर्क फेल रहता है और यहां रहने वालों से संपर्क नहीं हो सकता। जवानों को बात करनी होती है तो वे जुगाड़ तकनीक अपनाते हैं। टीन के डिब्बे व लोहे से स्टैंड बनाते हैं। सिग्नल मिलने पर बात होती है। इंटरनेट समस्या से प्रखंड कार्यालय में नहीं होता ऑनलाइन कार्य
गुदड़ी प्रखंड कार्यालय के स्थापना का एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक गुदड़ी प्रखंड में नेटवर्क की समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इस कारण लोगों को आज भी किसी काम को ऑनलाइन कराने के लिए 50 किलोमीटर दूर सोनुआ प्रखंड कार्यालय आना पड़ता है। उग्रवादियों के खिलाफ यहीं चला था जन आंदोलन गुदड़ी थाना क्षेत्र 25 साल से नक्सल प्रभावित रहा है। दिसंबर 2024 में इसी इलाके में उग्रवादियों के खिलाफ सबसे बड़ा जन आंदोलन चला था। पहाड़ी इलाके में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। गुदड़ी थाना परिसर, गिरू गांव के पास और सेंरगदा में मोबाइल टावर हैं, लेकिन नेटवर्क नहीं रहता। स्थानीय विधायक जगत मांझी ने जिला प्रशासन से इलाके की संचार सुविधा ठीक करने की मांग की है। गुदड़ी थानेदार समाधान मिंज ने कहा कि यहां कई टावर हैं लेकिन खराब हैं। जवान जुगाड़ से ही बात कर पाते हैं। इलाके में तैनात फोर्स के पास इनकमिंग कॉल नहीं आ पाती है। वे जुगाड़ से ही कॉल कर पाते हैं। पैसों की जरूरत हो तो जाना पड़ता है 45 किमी दूर
गुदड़ी प्रखंड एरिया में नक्सल ऑपरेशन के लिए भी कई कैंप है। इलाका खूंटी व सिमडेगा जिला की सीमा से सटा है। यहां से चक्रधरपुर की दूरी 70 किमी और सोनुवा की 45 किमी है। जवानों को पैसों की जरूरत होती है, तब उन्हें कम से कम 45 किमी दूरी तय कर सोनुवा स्थित बैंक जाना पड़ता है। थाना प्रभारी गुदड़ी द्वारा शिकायत के बाद मोबाइल नेटवर्क इंचार्ज को गुदड़ी भेजा गया था। इसके बाद वहां बैटरी बैकअप व अन्य समस्या पाई गई है। इसकी सूचना हमने जीएम को भेजा गया है। जल्द ही समस्या का समाधान करा लिया जाएगा। -रंजीत महतो, एसडीओ, बीएसएनएल

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