लखनऊ में स्थायी और अस्थायी कुल 64 रैन बसेरे हैं। बढ़ी हुई ठंड के बीच इनमें उन लोगों को रहने का ठौर मिलता है जिनका कोई आशियाना नहीं है। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने रैन बसेरों के हालात जानने की कोशिश की। इसमें मिला कि अधिकतर जगहों पर रैन बसेरे खाली हैं, जबकि लोग सड़क और फुटपाथ पर ही सो रहे हैं। जिन रैन बसेरों में लोग रुके थे उनसे बातचीत की। स्थायी रैन बसेरों में रुके लोगों ने बताया कि सफाई नहीं होती, गीजर खराब है। ऐसी कई कमियां गिनाईं। हालांकि, कुछ रैन बसेरों में रुके लोगों ने व्यवस्था की तारीफ भी की। बता दें कि लखनऊ के रैन बसेरों में अधिकारी ही नहीं बल्कि सरकार में मंत्री भी निरीक्षण करते रहते हैं। पहले देखिए 3 तस्वीरें अब पढ़िए रैन बसेरों की हालत… अमीनाबाद में खराब मिला गीजर, फैली गंदगी अमीनाबाद के स्थायी रैन बसेरे के टॉयलेट और बाथरूम में गंदगी मिली। कई दिनों से टॉयलेट और बाथरूम की सफाई नहीं हुई है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। रैन बसेरे में लगा गीजर भी खराब बना हुआ है। इसकी शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने इसे सही नहीं कराया है। जबकि झाड़ू लगाने वाले कर्मचारी अधिकारियों और मंत्री के निरीक्षण के पहले अधिक सक्रिय नजर आते हैं। इस दौरान खानापूर्ति सी स्थिति बनी रहती है। यहां पर करीब 16 बेड है। कैसरबाग के स्थायी रैन बसेरे में भी नहीं सफाईकर्मी कैसरबाग के स्थायी रैन बसेरे में भी सफाई कर्मी नहीं है। यहां पहुंचने वाले लाेग बताते हैं कि इसके कारण समस्या की स्थिति बनी रहती है। रात में 12-15 की संख्या में लोग प्रतिदिन पहुंचते हैं, जबकि बेडों की संख्या करीब 30 है। मौके पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि मंत्री के निरीक्षण की सूचना है इसके बाद साफ सफाई कराई गई है। ताकि अव्यवस्था की स्थिति न बने। सबकुछ बेहतर स्थिति में है। हालांकि, वाश बेसिन और बाथरूम में गंदगी की स्थिति थी। वहीं, बस अड्डे में बने अस्थाई रैन बसेरे में टॉयलेट की दुर्गंध से लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि यहां पर सही ढंग से सफाई कराई जानी चाहिए। परिवर्तन चौराहा और घंटाघर पर कम पहुंच रहे लोग परिवर्तन चौराहा और घंटाघर पर अस्थाई रैन बसेरे में व्यवस्था ठीक है। यहां पर दोनों जगहों पर 25-25 बेड है। मौके पर पहुंचने वाले लोगों से आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिया जाता है। यहां पर अलाव के लिए लकड़ी भी पहुंच रही। यहां पर हीटर की व्यवस्था भी है। मौके पर रैन बसेरे में रुकने वाले लोगों ने व्यवस्था की तारीफ की है। लोगों ने व्यवस्था की तारीफ की पवन ने बताया कि लखीमपुर खीरी के रहने वाले हैं। रैन बसेरे में रजाई गद्दा की व्यवस्था है। अलाव जलने के लिए लकड़ी है। पानी की व्यवस्था है। रात में सोते हैं। दिन में दिहाड़ी करने के लिए जाते हैं। दिनेश कुमार बताते हैं कि सीतापुर के रहने वाले हैं। बढ़िया व्यवस्था है। कोई दिक्कत नहीं होती है। कर्मचारी भी सहयोग करते हैं। ऐसे में कोई दिक्कत नहीं है। गंदगी रहती है, कोई सफाईकर्मी नहीं है अमीनाबाद के स्थायी रैन बसेरे में रहने वाले रामसुख दिहाड़ी का काम करते हैं। उनका कहना है कि गीजर खराब है। इसके कारण नहा नहीं पाते हैं। सुबह के समय में पानी बर्फ सा ठंडा रहता है। इसके कारण नहा नहीं मिलता है। साफ सफाई नहीं होती है। कोई कर्मचारी नहीं है। ऐसे में इसे सही कराया जाना चाहिए। रैन बसेरे में पहुंचे शिवदयाल का कहना है कि गंदगी बनी रहती है। नहाने की दिक्कत होती है। झाड़ू नहीं लगती है। ऐसे में समस्या होती है। कभी-कभार हम लोग ही झाड़ू लगाते हैं। नगर निगम के चीफ इंजीनियर महेश चंद्र वर्मा ने कहा- नगर निगम की तरफ से सर्दी में लोगों के लिए स्थायी और अस्थायी रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है। शहर में 24 स्थायी और 40 अस्थायी रैन बसेरे हैं। 1 हजार प्वाइंट ऐसे हैं जहां पर अलाव की व्यवस्था की गई है। एक दिन में एक जगह पर 40-50 किलो लकड़ी भेजी जाती है। लखनऊ नगर निगम की तरफ से संचालित अस्थायी रैन बसेरे परिवर्तन चौक के पास।
कैसरबाग बस अड्डा।
बालू अड्डा के पास बंधे पर।
चारबाग बस अड्डा।
राजाजीपुरम टैक्सी स्टैंड के पास।
चौक स्थित फूल मंडी के पास।
पोस्टमार्टम हाउस के पास।
ट्रामा सेंटर के सामने गेट नंबर-2 पर।
डालीगंज क्रॉसिंग पुल के नीचे।
हनुमान सेतु के सामने।
मड़ियाव पुल के नीचे।
हुसड़िया चौराहे के पास।
गोमतीनगर के विनय खंड-5 में शहीद पथ के पास।
मिठाई लाल चौराहे के पास।
गोमती नगर विक्रांत खंड स्थित अवध बस स्टैंड।
पालीटेक्निक चौराहे के पास।
पिकप भवन के सामने।
गोमतीनगर विनय खंड-पांच में शहीद पथ के पास।
बादशाह नगर रेलवे स्टेशन।
विक्रम नगर पुल के नीचे।
अवध चौराहे के पास।
मानक नगर फ्लाईओवर के नीचे।
आलमबाग बस स्टैंड ।
नादरगंज तिराहे के पास।
हीरालाल कालेज के पास छठ पूजा स्थल कानपुर रोड।
दरोगा खेड़ा।
चारबाग रेलवे स्टेशन के पास।
आगरा एक्सप्रेसवे के पास।
बुद्धेश्वर पुल के नीचे।
अंधे की चौकी के पास।
बालागंज चौराहा।
नगर निगम जोन-छह कार्यालय
मुंशी पुलिया के पास।
टेढ़ी पुलिया के पास।
वीआईपी रोड, राजाराम हॉस्पिटल के सामने।
विद्यावती द्वितीय वार्ड, चरजीत चौराहे के पास। स्थायी रैन बसेरे
नबीउल्ला रोड।
अमीनाबाद झंडे वाला पार्क।
जियामऊ प्राइमरी पाठशाला।
कानपुर रोड नगर निगम चुंगी।
जलालपुर मिल रोड।
मिल रोड करेहटा स्टोर।
लाटूश रोड पुरानी चुंगी।
इंजीनियरिंग कालेज के पीछे जानकीपुरम गैंग हट।
भारतेंदु हरीशचंद्र ताड़ीखाना रेलवे स्टेशन क्रासिंग के पास।
डालीगंज यूनानी अस्पताल।
उमराव हाता।
चिनहट रामलीला मैदान।
चिनहट एल्डिको तिराहे के पास। कांशीराम स्मारक के पास।
सआदतगंज रैन बसेरा (अटल आश्रय गृह)।
अमराई बाजार में धनुष यज्ञ कुर्सी रोड अतरौली में आश्रय।


