स्वर्णनगरी में बादलों की लुकाछिपी:सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा, रबी की फसलों पर मंडराया संकट

सीमावर्ती जिले जैसलमेर में मौसम के मिजाज में लगातार आ रहे बदलाव ने आमजन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। रविवार को दिन भर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे धूप का असर तो कम रहा लेकिन तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जैसलमेर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया, जिससे सर्दी का असर लगभग गायब हो गया है। मौसम विभाग की माने तो आगामी कुछ दिनों तक तापमान में किसी विशेष बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में थोड़ी और बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ की बेरुखी से बदली फिजा मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, थार के रेगिस्तान में सर्दी कम होने का मुख्य कारण हिमालय की तरफ से आने वाली बर्फीली हवाओं के रास्ते में आई रुकावट है। वर्तमान में कोई भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होने के कारण वातावरण में ठंडक की कमी है। रविवार को अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि शनिवार के मुकाबले पारे में 0.3 डिग्री की मामूली गिरावट हुई, लेकिन यह अब भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। फसलों और सेहत पर दोहरी मार दिन का तापमान बढ़ने से रबी की फसलों (विशेषकर सरसों और गेहूं) को नुकसान की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय कड़ाके की ठंड फसलों की पैदावार के लिए जरूरी है। दिन और रात के तापमान में 17 डिग्री का भारी अंतर होने के कारण मौसमी बीमारियां पैर पसार रही हैं। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की तादाद बढ़ गई है। विशेषज्ञ की राय-आगामी कुछ दिनों तक तापमान में किसी विशेष बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में थोड़ी और बढ़ोतरी हो सकती है। बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें और खान-पान में सावधानी बरतें। एक नज़र आंकड़ों पर

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