ग्वालियर में सर्द हवा…कोहरे ने बढ़ाई ठिठुरन:हाइवे पर विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम, ट्रेनें लगातार चल रही लेट

ग्वालियर में सोमवार सुबह घने कोहरे की चादर छाई रही। रविवार रात करीब 12 बजे से ही कोहरा छाना शुरू हो गया था, जो सुबह होते-होते पूरे शहर में फैल गया। सुबह 9 बजे तक सूर्य के दर्शन नहीं होने से ठंड का असर और बढ़ गया। सड़कों पर विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रही, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चलते नजर आए। लगातार बढ़ती ठंड और कम विजिबिलिटी के चलते दिल्ली और भोपाल से आने वाली करीब आधा दर्जन ट्रेनें 30 मिनट से डेढ़ घंटे की देरी से ग्वालियर पहुंचीं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नए साल की शुरुआत के साथ मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान ठंड, कोहरा और मावठा एक साथ असर दिखा सकते हैं। बीते कुछ वर्षों में भी इसी अवधि में मौसम का पैटर्न ऐसा ही रहा है। उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाओं के सक्रिय होने और सुबह छाए कोहरे के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा बने रहने की संभावना है। तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा। सीजन का सबसे ठंडा सोमवार इस सीजन में पहली बार ग्वालियर में दिन का तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। धूप कमजोर रही और दिनभर सर्दी का एहसास हुआ। बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शाम होते-होते ठंड और तेज हो गई। सोमवार को न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक जनवरी से पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार 1 जनवरी से कड़ाके की ठंड पड़ेगी। रात के साथ अब दिन में भी ठंड ज्यादा महसूस होगी। धूप कमजोर रहेगी और ठंड का असर तेज होगा। दिन का तापमान 24 से घटकर 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कोहरे ने रोकी ट्रेनों और वाहनों की रफ्तार ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरा साफ नजर आने लगा है। रविवार रात से ही कोहरे का असर बढ़ गया, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। हाईवे पर कम दृश्यता के कारण वाहन 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते दिखे। दिल्ली से आने वाली करीब आधा दर्जन ट्रेनें 20 मिनट से डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचीं। अब और गिरेगा दिन का तापमान मौसम वैज्ञानिक हुकुम सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा में चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में दक्षिण-पश्चिम ईरान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो चुका है। यह 20 दिसंबर के आसपास गुजरेगा, जिसके बाद पहाड़ों में बर्फबारी होगी। इसके असर से 22 दिसंबर से तापमान में और गिरावट आएगी। अगले दो दिनों में दिन के तापमान में और कमी दर्ज की जा सकती है।

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