मप्र सरकार में कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के स्वतंत्र प्रभार मंत्री गौतम टेटवाल के जाति प्रमाण पत्र को लेकर हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने टेटवाल के साथ प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति आयुक्त, एसपी राजगढ़ और छानबीन समिति अध्यक्ष भोपाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। गौतम पर आरोप है कि वे ओबीसी वर्ग की जीनगर जाति से हैं, लेकिन अनुसूचित जाति का लाभ लेकर विधायक बने हैं। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि टेटवाल ने फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र का उपयोग किया। पहले छानबीन समिति ने टेटवाल को क्लीन चिट दी थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि समिति ने जल्दबाजी में फैसला सुनाया। इसी आधार पर हाई कोर्ट में पुनः याचिका दायर की गई। इसे स्वीकार कर लिया गया। इस मामले पर प्रतिक्रिया जानने के लिए भास्कर ने जब गौतम से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में फोन पर बात नहीं करूंगा, मिलकर करूंगा।


