मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम में अनमैप्ड रहे वोटर्स को नोटिस दिए जा रहे है। जिन्हें बीएलओ के माध्यम से बटवाना शुरू कर दिया है। अब वोटर्स को नाम जुड़वाने के लिए निर्वाचन आयोग में दस्तावेज के साथ पेश होना होगा। जिले में 6 विधानसभा में करीब 26,865 वॉटर को यह नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिले की छह विधानसभा में लाडपुरा विधानसभा में ये संख्या सबसे ज्यादा है। लाडपुरा में 6,761 वोटर्स अनमैप्ड रहे है। कोटा उत्तर में 6,136, रामगंजमंडी में 4040, सांगोद में 3519,पीपल्दा में 3214 व कोटा दक्षिण में 3195 वोटर्स की मैपिंग नहीं हो पाई है। एडीएम (प्रशासन) वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि अनमैप्ड वोटर्स को सुनवाई की डेट दे रहे है। पहले एक दिन में 150 वोटर्स को नोटिस दिए जा रहे है। अब इनकी सीमा को खत्म कर दिया। नोटिस मिलने के बाद वोटर्स को सम्बंधित ऑफिस में जाकर दस्तावेज पेश करने होंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में 4-5 एईआरओ व एक ईआरओ है। वोटर्स संबधिंत ऑफिस में जाकर दस्तावेज जमा करा सकते है। बता दें जारी ड्राफ्ट सूची में जिले की 6 विधानसभा में 10.4 फीसदी नाम हटे है। इनमें 7 फीसदी वोटर्स शिफ्ट हुए, 1.6 फीसदी वोटर की मौत हो चुकी। 1.7 फीसदी वोटर एब्सेंट, 0.5 फीसदी डबल वोटर है। सबसे ज्यादा 15 फीसदी नाम कोटा उत्तर विधानसभा में हटे है। उसके बाद लाडपुरा विधानसभा में 13 फीसदी, कोटा दक्षिण में 9 फीसदी, सांगोद व रामगंजमंडी में 8-8 फीसदी वोटर्स के नाम हटे है। पीपल्दा में सबसे कम 6.5 फीसदी नाम हटे है। ये खबर भी पढ़े- कोटा-उत्तर में 15%, पीपल्दा में सबसे कम 6.5% नाम हटे:जिले की 6 विधानसभा में जीत का जितना अंतर रहा उतने वोटर शिफ्ट मतदाता सूचियां के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम SIR के तहत कोटा जिले की 6 विधानसभा में 1.59 लाख नाम कटे हैं। इनमें से 1 लाख से ज्यादा वोटर्स शिफ्ट हो चुके। ये आंकड़ा जिले की 6 विधानसभा सीट में कुल हार जीत के अंतर के बराबर है। जिले की 6 विधानसभा सीट पर जीत का कुल अंतर 1 लाख के पार था। खबर पढ़े


