खरगोन कपास मंडी में किसानों ने दोबारा शुरू किया प्रदर्शन:प्रति एकड़ खरीदी घटाने पर किसानों का विरोध; 11.80 प्रति क्विंटल खरीदी की मांग

खरगोन मंडी में भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा प्रति एकड़ कपास खरीदी की सीमा मामले में किसानों का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा। किसानों ने प्रति एकड़ खरीदी सीमा 12 क्विंटल से घटाकर 5 क्विंटल 70 किलो करने के फैसले के विरोध में नारेबाजी की। दोपहर 3.30 बजे दोबारा 5.80 क्विंटल प्रति एकड़ मापदंड से नीलामी शुरू की गई लेकिन किसानों ने विरोध किया और 4.30 बजे बावड़ी बस स्टैंड पर खंडवा बड़ोदरा हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। वे 11.80 क्विंटल प्रति एकड़ मापदंड पर खरीदी की मांग कर रहे हैं। खरीदी सीमा घटने पर किसानों की आपत्ति
हंगामे की जानकारी मिलने पर अपर कलेक्टर रेखा राठौर, उप संचालक कृषि एसएस राजपूत, सीसीआई खरीदी अधिकारी गणेश धसकट, मंडी सचिव शर्मिला निनामा और कोतवाली टीआई बीएल मंडलोई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की। किसान प्रतिनिधि दिनेश यादव ने बताया कि पहले प्रति एकड़ 11 क्विंटल 80 किलो कपास की खरीद हो रही थी, लेकिन अचानक इसे घटाकर 5 क्विंटल कर दिया गया। किसानों का कहना है कि उनकी उपज की खरीद गिरदावरी के रकबे के हिसाब से होनी चाहिए। उन्होंने सीसीआई की स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी दिक्कतों और उपज लौटाए जाने पर भी नाराजगी जताई। 7 लाख क्विंटल कपास की खरीदी
उप संचालक कृषि एसएस राजपूत ने बताया कि जिनिंग परिसर में सीसीआई का कपास बड़ी मात्रा में जमा है। अधिक माल होने के कारण उसकी प्रोसेसिंग नहीं हो पा रही, इसी वजह से यह स्थिति बनी है। अपर कलेक्टर रेखा राठौड़ ने बताया कि अब तक करीब 7 लाख क्विंटल कपास की खरीद हो चुकी है। उन्होंने किसानों से चर्चा कर उनकी बात सुनी और आश्वासन दिया कि जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनके अनुसार ही कपास की खरीद की जाएगी।

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