मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भागवत कथा और सत्संग समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना को सशक्त बनाते हैं। ये आध्यात्मिक अनुभूति के साथ सामाजिक चेतना का भी प्रभावी माध्यम हैं। कथा श्रवण से मन तृप्त होता है और जीवन को सही दिशा मिलती है। भौतिक सुख-साधन और वैभव वह संतोष नहीं दे सकते, जो भगवान की भक्ति और सत्संग से प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर जिले के ग्राम चित्तौड़ा में कमल किशोर नागर महाराज की भागवत कथा के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जमीन पर बैठकर कथा श्रवण किया। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, एसपी ग्रामीण यांगचेन डोलकर भूटिया सहित अन्य मौजूद रहे। कथा और सत्संग से मिलती है दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुवर कमल किशोर नागर महाराज के प्रवचनों से वर्षों से भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। कथा और सत्संग के श्रवण से सभी तीर्थों के दर्शन का फल मिलता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। गौ-सेवा सबसे बड़ा पुण्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमल किशोर नागर महाराज द्वारा किए जा रहे गौ-सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गौ माता की सेवा जीवन का महान पुण्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार गौशालाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और मध्यप्रदेश को गौ-सेवा का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा, जहां गाय है, वहीं गोपाल का वास है। संस्कृति, कुंभ और जल संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति, कुंभ और सिंहस्थ स्नान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल केवल शुद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन और परंपरा का आधार है। क्षिप्रा नदी के शुद्धिकरण और जल संरक्षण के माध्यम से आगामी सिंहस्थ को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प उन्होंने दोहराया। धर्म, संस्कृति और विकास साथ-साथ
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने का कार्य हो रहा है। उन्होंने शिप्रा नदी के शुद्धिकरण, घाट निर्माण और बड़े धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं को ऐतिहासिक बताया। नीति और धर्म से ही सच्चा विकास
कमल किशोर नागर महाराज ने कहा कि नीति और धर्म से युक्त शासन ही सच्चे विकास की नींव रखता है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा जमीन पर बैठकर कथा श्रवण को उनकी विनम्रता, सादगी और भक्ति भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब नीति और धर्म एक साथ चलते हैं, तो प्रदेश स्वतः ही समृद्ध और सुशोभित बनता है।


