अब मध्यप्रदेश में हायर एजुकेशन, टेक्नोलॉजी और आयुष के स्टूडेंट्स की अटेंडेंस सार्थक एप से लगेगी। इस नई प्रक्रिया के लागू होने से स्टूडेंट्स क्लास गोल नहीं कर सकेंगे। यदि कोई स्टूडेंट किसी क्लास से गायब रहेगा तो उसका नोटिफिकेशन रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (माता-पिता) के पास पहुंचेगा। इस व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा। यह जानकारी सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में “दो वर्षों की विभागीय उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं” को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष द्वारा दी गई। इस कॉन्फ्रेंस को विभाग के मंत्री इन्दर सिंह परमार ने संबोधित किया। इस दौरान मंत्री परमार ने कहा कि अतिथि विद्वानों के लिए जो बेहतर होगा वो किया जाएगा। उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा जल्द ही तकनीक की मदद से एग्जाम कॉपी जांची जाएंगी। जिससे कम समय में इस प्रक्रिया को पूरा कर समय पर रिजल्ट घोषित किए जाएं। IIT दिल्ली से MP में संचालित हो रहे AI और FinTech कोर्स
मंत्री परमार ने बताया कि स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत 378 रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के जरिए 16,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है। अब तक 1,655 विद्यार्थियों का प्रत्यक्ष प्लेसमेंट सुनिश्चित हुआ है। इसके अलावा, IIT दिल्ली के सहयोग से 68 कॉलेजों में AI और FinTech जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। परमार ने बताया कि पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा को समाहित करने के लिए विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं ताकि विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें। 3 नई यूनिवर्सिटी हुए शुरू
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूर्ण रूप से लागू किया गया है। साथ ही, वर्तमान सत्र से एक साल का पीजी कोर्स और अंत विषय (Interdisciplinary) विकल्प भी शुरू किए गए हैं। इसके अलावा गुना में क्रांतिवीर तात्या टोपे, खरगोन में क्रांति सूर्य टंट्या भील, और सागर में रानी अवंतीबाई लोधी यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है । मंत्री परमार ने बताया कि विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और मोबाइल-फ्रेंडली बनाया है। जिससे पोर्टल शुल्क समाप्त होने पर विद्यार्थियों को 5 करोड़ रुपए का सीधा फायदा हुआ है। प्रदेश में 1047 स्मार्ट क्लासरूम, 200 वर्चुअल लैब और 544 ई-लाइब्रेरी विकसित की गई हैं। साल 2024-25 में गांव की बेटी योजना से 1.34 लाख से अधिक और ‘प्रतिभा किरण योजना’ से 7,500 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई हैं। अनुसूचित जाति व जनजाति के लगभग 3.91 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त पुस्तकें और स्टेशनरी दी गई है । 2053 पदों पर हुई भर्ती, 2197 पर चल रही
मंत्री परमार ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए लोक सेवा आयोग के माध्यम से साल 2022 में 2053 पदों पर भर्ती की गई और वर्तमान में 2197 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। परमार ने कहा कि आने वाले समय में सकल नामांकन अनुपात (GER) को वर्तमान 28.9% से बढ़ाकर 35% तक ले जाने का लक्ष्य है । मंत्री परमार ने बताया कि सत्र 2025-26 में विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जागरूकता अभियानों के कारण शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के सकल नामांकन में 21.38% की वृद्धि हुई है। वहीं, ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 25.99% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मेधावी विद्यार्थी योजना में 750 करोड़ रुपए की राशि बांटी
मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश के मेधावी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 78,218 लाभार्थियों को 750 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के तहत 14,447 विद्यार्थियों को 14.55 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। मंत्री परमार ने बताया कि मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर का परिसर अब भोपाल स्थित RGPV में स्थापित हो चुका है। जहां सत्र 2025-26 से प्रवेश भी शुरू हो गए हैं। साथ ही, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के 50 मेधावी विद्यार्थियों को IIT इंदौर और 50 छात्राओं को MANIT भोपाल में अध्ययन की विशेष सुविधा प्रदान की गई है । अब एआई और ड्रोन पर विभाग का फोकस
मंत्री परमार ने बताया कि आने वाले सालों में विभाग AI, ड्रोन तकनीक जैसे नवीनतम पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रदेश के सभी शासकीय तकनीकी संस्थानों में एक समर्पित ‘डिजिटल सेल’ का गठन किया जाएगा और विद्यार्थियों की उपस्थिति ‘सार्थक ऐप’ के माध्यम से रियल-टाइम सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, सिंगरौली में 76.56 करोड़ रुपए की लागत से खनन प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (College of Mining Technology) का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। MP में होगी 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्थापना
मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश में आयुष शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इनमें वर्ष 2024-25 में नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर और वर्ष 2025-26 में झाबुआ, शुजालपुर एवं डिंडोरी शामिल हैं। इस विस्तार से प्रदेश में आयुष महाविद्यालयों की कुल संख्या 17 हो जाएगी। परमार ने बताया कि पन्ना, गुना, भिण्ड, श्योपुर, शुजालपुर और खण्डवा में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों के भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही, प्रदेश भर में 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का सफल संचालन प्रारंभ किया गया है। लोक सेवा आयोग के माध्यम से 543 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों, 35 होम्योपैथी और 14 यूनानी चिकित्सा अधिकारियों सहित विशेषज्ञों के नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। नवीन महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के लिए लगभग 2700 से अधिक नए पदों का सृजन किया गया है। आपके द्वार योजना के तहत 30 जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में 25,993 सिकल सेल एनीमिया ग्रसित व्यक्तियों को घर-घर जाकर आयुर्वेद परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उज्जैन में बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
मंत्री परमार ने बताया कि उज्जैन में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (AIIA) की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे खजुराहो, उज्जैन और पचमढ़ी सहित 12 स्थानों पर आयुष हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। ई-हॉस्पिटल और ई-औषधि प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से सभी आयुष संस्थाओं में लागू किया जाएगा ताकि दवाओं की आपूर्ति और मरीजों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।


