भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब रोडवेज इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रही है। पहले ही ड्राइवर और कंडक्टरों की भारी कमी से परेशान विभाग अब स्पेयर पार्ट्स की किल्लत के कारण एक और संकट में है। हालात ऐसे हैं कि कई बसें चलने लायक होने के बावजूद जरूरी सामान न मिलने से वर्कशॉप शेड में खड़ी हैं। इसका सीधा असर रूट संचालन पर पड़ रहा है और आम यात्रियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब रोडवेज के कई मुख्य रूट, जिनमें जालंधर डिपो-1, डिपो-2 सहित पंजाब भर के डिपो की बसें अपने प्रमुख रूट मिस कर रही हैं। राज्य के विभिन्न डिपो में दर्जनों बसें सिर्फ इसलिए खड़ी हैं क्योंकि उनके लिए टायर, बैटरी, ब्रेक, क्लच प्लेट और इंजन से जुड़े छोटे-छोटे स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि फंड की कमी होने से परचेज बड़े स्तर पर नहीं हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार मामूली खराबी को ठीक करने में हफ्तों लग जाते हैं। नतीजा यह है कि जो बसें रोज सड़कों पर होनी चाहिए, वे धूल फांक रही हैं। बसों की संख्या कम होने से कई ग्रामीण और कस्बाई रूट भी प्रभावित हुए हैं। ग्रामीण रूटों पर चलने वाली मिन्नी बसों को मुख्य रूट पर दौड़ाया जा रहा है। बसों की संख्या पूरी न होने के कारण यात्रियों को सरकारी बसों का इंतजार करने के लिए लंबा समय बस स्टैंड में खड़ा होना पड़ रहा है। सुबह-शाम दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र और बुजुर्गों के साथ ज्यादा परेशान महिलाएं हो रही है, क्योंकि उन्हें प्राइवेट बसों में टिकट देकर सफर करना पड़ रहा है। हालांकि इसे लेकर पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन से लेकर एससी बीसी इंप्लाइज यूनियन भी रोडवेज पर कई गंभीर आरोप तक लगा चुकी है। पंजाब रोडवेज पर पहले से आर्थिक दबाव है। सीमित बजट और भुगतान में देरी के कारण सप्लायर समय पर स्पेयर पार्ट्स देने से बच रहे हैं। कुछ डिपो में पुराने स्टॉक से ही काम चलाया जा रहा है, जो अब लगभग खत्म हो चुका है।


