भास्कर न्यूज | जालंधर पहली बार विपक्षीय दलों ने सांझा मोर्चा बनाकर नशे की बिक्री रोकने की कोशिश शुरू की है। जालंधर वेस्ट हलके में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती नशे की बिक्री खिलाफ सोमवार को विपक्षी दलों ने एकजुट होकर महापंचायत की। अलग-अलग दलों ने नेता-वर्कर व इलाकावासी 120 फीट रोड पर डटे थे। उनके हाथ में तख्तियां पकड़ी हुईं थीं। इसमें भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल के नेता शामिल हुए। इन नेताओं ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि वह वेस्ट विधानसभा हलके में कानून व्यवस्था बनाने को लेकर उदासीन है। इस महापंचायत को लेकर पूर्व विधायक शीतल अंगुराल पिछले दिनों सक्रिय हुए थे, इसके बाद से नशे के खिलाफ सांझा मोर्चा की नींव रखी गई है। मीटिंग के कुछ समय बाद ही सत्तासीन आम आदमी पार्टी के जालंधर जिला प्रधान अमृतपाल सिंह ने महापंचायत को सियासी ड्रामा करार दिया है। कहा, कांग्रेस और भाजपा के शासन में ही वेस्ट नशे और जुए का अड्डा बना, जहां 700 से अधिक मौतें हुईं। सभा के दौरान महापंचायत के नेताओं ने कहा कि बच्चों और कारोबार को बचाना है तो एकजुट होना होगा। सभी लोग नशे की बिक्री व अपराध को रोकने में सक्रिय हों। पहली बार 3 विपक्षी दलों के नेता एक प्लेटफार्म पर एकत्रित दिखे हैं। भाजपा नेता व पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि पुलिस नशा बेचने वालों को संरक्षण दे रही है। उनके भतीजे की हत्या हुई, लेकिन पुलिस खामोश है। कांग्रेस की वेस्ट हलका प्रभारी सुरिंदर कौर ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि बच्चों को नशे से बचाने का है। फसल को बाड़ ही खा रही है। फैसला किया गया है कि नए साल में वार्ड स्तर पर कमेटियां बनेंगी और सरकार के खिलाफ मशाल मार्च निकाले जाएंगे। जनता को जागृत करेंगे। अकाली नेता राजपाल सिंह, भजन लाल चोपड़ा, पार्षद तरविंदर सोई, योगेश मल्होत्रा और दर्जनों सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।


