ज्योतिषीय दृष्टिकोण से नववर्ष का पहला दिन शुभ संकेतों से भरा होगा। रोहिणी नक्षत्र, शुभ योग और रवि योग का मंगलकारी संयोग इसे और श्रेष्ठ बना रहा है। ज्योतिष शालिनी वैद्य ने बताया कि नए साल के पहले दिन रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो समृद्धि और उन्नति का प्रतीक है। शुभ योग और रवि योग का संयोग लोगों के आत्मबल और सफलता में वृद्धि करेगा। गुरुवार का दिन पड़ने के कारण साल का पहला प्रदोष व्रत भी इसी दिन रहेगा, जिसे गुरु प्रदोष व्रत के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। दिन के अनुसार यह भगवान विष्णु और तिथि के अनुसार भगवान शिव का दिन है। इस दिन रोहिणी व्रत भी रखा जाएगा। नववर्ष पर चतुर्ग्रही योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। यह योग चार ग्रहों सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र के एक साथ आने से बनता है, जो कि सुख-समृद्धि, शिक्षा, धन, करियर और व्यक्तिगत संबंधों में बड़े सकारात्मक बदलाव लाता है। इस बार ये चारों ग्रह सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र धनु राशि में गोचर करेंगे, जिससे दुर्लभ चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है। चंद्रमा की स्थिति भी इस दिन अनुकूल रहेगी, जिससे मन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक संतुलन और अच्छे निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होने के संकेत मिलते हैं। कुल मिलाकर, नया साल धार्मिक, ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ संयोगों के साथ शुरुआत करने जा रहा है।


