चांदी में ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव:बाजार 18 प्रतिशत उछला, एक साल में 200 फीसदी से ज्यादा की छलांग

सोमवार को चांदी के बाजार ने ऐसा रूप दिखाया, जिसने निवेशकों से लेकर आम ग्राहकों तक को चौंका दिया। सप्ताह का पहला कारोबारी दिन शुरू होते ही चांदी के भाव में करीब 18 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। शुक्रवार को जहां चांदी का हाजिर बाजार 2 लाख 36 हजार रुपए प्रति किलो पर बंद हुआ था, वहीं सोमवार सुबह बाजार खुलते ही भाव तेजी से चढ़ते हुए 2 लाख 78 हजार रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए। इतनी तेजी बीते कई वर्षों में दुर्लभ मानी जा रही है। हालांकि, जिस रफ्तार से चांदी ऊपर चढ़ी, उसी तेजी से गिरावट भी देखने को मिली। रात 11.15 बजे तक चांदी के भाव फिसलकर करीब 2 लाख 32 हजार रुपए प्रति किलो पर आकर अटक गए। एक ही दिन में लगभग 39 हजार रुपए का उतार-चढ़ाव होने से बाजार में हड़कंप मच गया। चांदी की कीमतों में उछाल देखकर बीकानेर के सर्राफा बाजार में सोमवार को स्थिति असामान्य रही। आम दिनों में जहां रोजाना 50 से 60 किलो चांदी की खरीद-फरोख्त होती थी, वहीं सोमवार को यह घटकर महज 2 से 5 किलो पर सिमट गई। जिस समय चांदी 2 लाख 78 हजार रुपए के शिखर पर थी, उस वक्त बाजार में सौदे पूरी तरह ठप हो गए। न खरीदार आगे बढ़ रहा था, न विक्रेता जोखिम लेने को तैयार था। कारोबारियों के मुताबिक, भाव इतने तेज बदले कि चांदी की खरीद-बिक्री पर जैसे ग्रहण लग गया। सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि निवेशक घबराकर खरीद या बिक्री न करें। एकमुश्त निवेश से बचें, किश्तों में निवेश (एसआईपी-जैसा तरीका) बेहतर होगा। आभूषण खरीदने वालों को सलाह है कि भाव स्थिर होने का इंतजार करें। मुनाफा कमा चुके निवेशक आंशिक मुनाफावसूली कर सकते हैं। आगे क्या होगा चांदी का भविष्य चांदी ने बहुत तेज रैली कर ली है। अब इसमें उतार-चढ़ाव बना रहेगा। शॉर्ट टर्म में 2.20 लाख से 2.80 लाख के बीच झूलेगा बाजार। लंबी अवधि में इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण चांदी मजबूत बनी रह सकती है, लेकिन रास्ता सीधा नहीं होगा। हाजिर बाजार के साथ फ्यूचर मार्केट भी फिसला हाजिर बाजार की तरह ही सोमवार को एमसीएक्स में भी चांदी ने ऊपरी स्तर पर करीब 2 लाख 50 हजार रुपए का आंकड़ा छुआ। लेकिन जैसे-जैसे हाजिर बाजार में गिरावट शुरू हुई, उसी अंदाज में एमसीएक्स में भी भाव टूटते चले गए। इससे साफ हुआ कि यह केवल स्थानीय बाजार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक संकेतों से जुड़ा बड़ा मूवमेंट था। -मुकेश जांगिड़, सर्राफा कारोबारी, बीकानेर चांदी में ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव, बीकानेर सर्राफा बाजार में हड़कंप भाव ऐसे बदले कि कारोबार पर लग गया ब्रेक भास्कर इनसाइट इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी इनसाइट यह रही कि भाव जितना तेज ऊपर गया, भरोसा उतना ही कमजोर पड़ा। कारोबारियों का कहना है कि पिछले एक साल से चांदी में लगातार तेजी देखने को मिली, लेकिन गिरावट का दौर लगभग नहीं आया। ऐसे में जब अचानक एक ही दिन में रिकॉर्ड ऊंचाई और फिर तेज गिरावट हुई, तो निवेशकों और ग्राहकों दोनों में डर बैठ गया। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार इतना बड़ा उतार-चढ़ाव बाजार की सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता। इससे सट्टा तो बढ़ता है, लेकिन स्थायी निवेशक पीछे हट जाते हैं।

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