भास्कर न्यूज | जशपुरनगर राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक खेती की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से उद्यानिकी विभाग द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। इसी क्रम में जिले के 10 प्रगतिशील कृषकों का एक दल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ 28 दिसंबर को अध्ययन भ्रमण के लिए जमशेदपुर, झारखंड पहुंचा। इस शैक्षणिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसानों को बागवानी की उन्नत तकनीकों, नवाचारों और व्यावसायिक संभावनाओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना है। अध्ययन भ्रमण के दौरान किसानों ने जमशेदपुर के प्रसिद्ध गोपाल मैदान में आयोजित 35वीं वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी 28 दिसंबर से 1 जनवरी तक आयोजित की गई है, जिसमें देश-विदेश की उन्नत पुष्प और बागवानी तकनीकों का भव्य प्रदर्शन किया गया है। भ्रमण के दौरान किसानों को बोन्साई तकनीक के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें छोटे पात्रों में विशाल वृक्षों की आकृति विकसित की जाती है। यह तकनीक आजकल सजावटी बागवानी और व्यावसायिक उद्यानिकी में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसके अलावा टोपियरी कला के अंतर्गत पौधों को विभिन्न कलात्मक और ज्यामितीय आकृतियों में ढालने की विधि भी किसानों ने सीखी, जो पार्क, उद्यान और निजी परिसरों की सुंदरता बढ़ाने के साथ आय का नया साधन बन सकती है। भ्रमण दल में शामिल किसानों ने साझा किया कि जमशेदपुर में सीखी गई तकनीकों को वे अपने खेतों, बागानों और प्रक्षेत्रों में लागू करने का प्रयास करेंगे। इससे न केवल फसलों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि उत्पादन में विविधता आएगी और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। किसानों का मानना है कि फूलों की खेती, सजावटी पौधे, रूफ गार्डनिंग और लैंडस्केपिंग जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, जिनका लाभ उठाकर वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकते हैं। अध्ययन भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने किसानों को विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान सुविधाओं और तकनीकी सहयोग की विस्तृत जानकारी दी। किसानों ने जाना- छतों पर वैज्ञानिक तरीके से फल, सब्जियां व फूल उगाए जा सकते हैं किसानों ने रूफ गार्डनिंग तकनीक को भी करीब से जाना, जिसके माध्यम से घरों की छतों पर वैज्ञानिक तरीके से फल, सब्जियां और फूल उगाए जा सकते हैं। शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए यह तकनीक किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का महत्वपूर्ण जरिया बन सकती है। इसके साथ ही आधुनिक लैंडस्केपिंग तकनीकों की जानकारी दी गई, जिनसे उद्यानों को आकर्षक, व्यवस्थित और व्यावसायिक रूप से उपयोगी बनाया जा सकता है। पुष्प प्रदर्शनी में पुष्प फसलों की जीवंत और सजीव प्रस्तुतियों को देखकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसानों ने बताया कि इस तरह के अध्ययन भ्रमण से उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक और व्यावसायिक बागवानी अपनाने की प्रेरणा मिलती है। नई तकनीकों को प्रत्यक्ष देखकर उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे नवाचारों को अपनाने के लिए अधिक उत्साहित होते हैं।


