जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में पिछले साल 31 दिसंबर को हुई हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी के बाद अब मरीज को छुट्टी दे दी है। डॉक्टरों के मुताबिक मरीज अब स्वस्थ्य है। आराम से चलने-फिरने लगा है। डॉक्टरों के मुताबिक ये एसएमएस हॉस्पिटल का 8वां हार्ट ट्रांसप्लांट है। एसएमएस हॉस्पिटल का सबसे पहला हार्ट ट्रांसप्लांट आज से 5 साल पहले यानी 16 जनवरी 2020 को किया था। सीनियर कार्डियक सर्जन और एसएमएस हॉस्पिटल के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अनिल शर्मा ने बताया- पिछले दिनों 29 साल के युवक के ट्रांसप्लांट किया गया है। उसे छुट्टी दे दी। उन्होंने बताया कि युवक हृदय की गंभीर बीमारी से पीड़ित था, जिसका इलाज केवल हृदय प्रत्यारोपण द्वारा ही संभव था। इस गंभीर बीमारी के कारण युवक को काम करते वक्त सांस फूलने की तकलीफ, हृदय की धड़कन की अनियमित होकर बेहोशी चक्कर इत्यादि लक्षण हो रहे थे। इन समस्याओं के चलते युवक ने कार्डियक सर्जरी विभाग में दिखाया था, जहां उसकी जांच के बाद उसे हृदय प्रत्यारोपण की सलाह दी थी। युवक ने हृदय प्रत्यारोपण के लिए एसएमएस में अपना नामांकन दर्ज करवाया। इस दौरान गोविंद नाम के युवक दिसंबर में इलाज के दौरान ब्रेन-डेड हो गया था, उसके परिजनों ने अंगदान पर सहमति दी। अंगदान पर सहमति बनने के बाद 31 दिसंबर को अंग निकालने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद हमारी कार्डियक टीम ने हृदय प्रत्यारोपण की सर्जरी की। डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि हमारी इस टीम में डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. अपूर्व, डॉ. गौरव पांडे के अलावा एनीस्थिसिया से डी.आर. मीणा, डॉ. अंजुम, डाॅ. अंशुल और परफ्यूशनिस्ट प्राजंलि, अभिषेक, रेखा और पुलकित थे। अब तक 8 प्रत्यारोपण एक रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में अब तक कुल 8 हार्ट ट्रांसप्लांट हो चुके है। इसमें से 5 मरीज स्वस्थ्य और जीवन जी रहे है।


