अनूपपुर में 3 लाख क्विंटल से ज्यादा धान खुले में:परिवहन धीमा होने से किसान और केंद्र संचालक परेशान

अनूपपुर जिले के 34 धान उपार्जन केंद्रों पर परिवहन के अभाव में तीन लाख क्विंटल से अधिक धान खुले में असुरक्षित भंडारित है। 14 दिसंबर से परिवहन की धीमी गति के कारण खरीदी गई धान केंद्रों पर ही जमा हो रही है, जिससे किसानों और केंद्र प्रबंधकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में अब तक 14,163 किसानों से कुल 7,32,127.07 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। हालांकि, परिवहन ठेकेदार द्वारा केवल 3,57,375.56 क्विंटल धान का ही परिवहन किया जा सका है। शेष 3,81,973.90 क्विंटल धान अभी भी उपार्जन केंद्रों पर परिवहन के इंतजार में पड़ा है। किसानों का कहना है कि केंद्रों पर जगह की कमी के कारण उन्हें धान बेचने में दिक्कत आ रही है। उन्हें अपनी धान की रखवाली के लिए रात में भी केंद्रों पर रुकना पड़ता है। केंद्र प्रबंधकों के अनुसार, परिवहन के लिए ठेकेदार सप्ताह में केवल दो से तीन दिन ही एक या दो वाहन भेज रहा है। परिवहन की कमी के कारण धान को खुले में ढेर लगाकर रखा गया है। हालांकि इस सीजन में अभी तक बारिश नहीं हुई है, लेकिन मौसम में बदलाव की स्थिति में बारिश होने पर लाखों क्विंटल धान के भीगने और खराब होने का खतरा है। कुछ उपार्जन केंद्रों पर तो एक सप्ताह से भी अधिक समय से परिवहन नहीं हुआ है। दूसरे ट्रांसपोर्टर को परिवहन में लगाया खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अधिकारी सरिता सोरते ने बताया कि अधिक संख्या में वाहनों की उपलब्धता के लिए ठेकेदार से चर्चा की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि आज से एक अन्य ट्रांसपोर्टर को परिवहन कार्य में लगाया गया है। साथ ही केंद्रों पर भंडारित धान का परिवहन शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, परिवहन व्यवस्था को लेकर भोपाल स्तर पर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी आयोजित की जा रही है, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश भी मिलेंगे।

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