किसानों को नई तकनीक व फसल उत्पादन की मिली जानकारी, परिसंपत्ति का वितरण

कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार के तत्वावधान में सरायकेला जिला कृषि कार्यालय की प्रखंड नर्सरी परिसर में जिला स्तरीय कृषि मेला का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा एवं उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने दीप जलाकर किया। उद्घाटन के बाद उपायुक्त ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों के लिए प्रदर्शित नई तकनीकों और उपकरणों की सराहना की। इस अवसर पर राष्ट्रीय खाद्य मिशन के तहत उन्नत किसान गणेश माझी को पंपसेट देकर सम्मानित किया गया। मौके पर किसी विभाग द्वारा अन्य किसानों के लिए भी परिसंपत्ति का वितरण किया गया। उपायुक्त ने उपस्थित किसानों से आग्रह किया कि वे अपने गांव में कृषि मेला के एंबेसडर के रूप में कार्य करें और उन किसानों को नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दें, जो मेले में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि इस जानकारी को साझा करना सभी किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बेहतर कदम होगा। उन्होंने कहा कि इस मेले का उद्देश्य किसानों को नई तकनीक और फसल उत्पादन के उन्नत तरीकों की जानकारी देना है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस मेले से प्राप्त ज्ञान को अपने गांव के अन्य किसानों तक पहुंचाएं। उपायुक्त ने कहा कि कृषि मेला किसानों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाने का अवसर है। यहां किसान एक-दूसरे से मिलकर अपनी खेती के अनुभव साझा कर सकते हैं। साथ ही यह मेले में प्रदर्शित योजनाओं और तकनीकों को अपनाने का एक बेहतरीन मौका है।
मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा कि वर्तमान में किसान नई तकनीकी का सहारा लेकर अपनी उपज को अच्छा करने में लगे हैं और आने वाले दिनों में किसान उन्नत किस्म का बीज तथा नई तकनीक का प्रयोग कर अपनी फसल को दोगुना कर सकेंगे। कार्यक्रम में डीडीसी आशीष अग्रवाल, जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, जिला कृषि पदाधिकारी सह आत्मा के परियोजना निदेशक संजय कुमार सिंह, उप परियोजना निदेशक विजय कुमार सिंह, पशुपालन पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान अपनी प्रादर्श के साथ उपस्थित हुए थे। मेले में कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं और तकनीकी की प्रदर्शनी लगाई गई थी। किसानों ने उन्नत बीज, फसल संरक्षण के उपाय, आधुनिक खेती के उपकरण और सरकारी सब्सिडी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस मेले से किसानों को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आधुनिक खेती की तकनीकों को अपनाने में सहायता मिलेगी। मेले में अपेक्षाकृत कम उपस्थिति पर उपायुक्त ने किसानों से आग्रह किया कि वे इस मेले के लाभों को अन्य किसानों तक पहुंचाएं। कृषि मेला किसानों के लिए नई तकनीकी और सरकारी योजनाओं को समझने का एक अनूठा मंच है। यह पहल किसानों को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में सहायक साबित होगी। इससे जुड़ने की आवश्यकता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *