मोतीबा नगर में बड़ा विवाद: SC-ST प्रतिनिधित्व गायब:लोगों ने तहसील कार्यालय का किया घेराव, पटवारी को निलंबित करने की मांग

जोधपुर के झंवर पंचायत समिति की नवसृजित ग्राम पंचायत मोतीबा नगर में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य SC ST का प्रतिनिधित्व ही समाप्त कर दिया गया। इसके विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में SC और ST समाज के लोगों ने कुड़ी तहसील के आगे धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने कार्यालय के बाहर जबरदस्त नारेबाजी भी की। प्रदर्शन में बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हुई। यहां आई महिला रेशमा ने बताया कि उनके पूरे परिवार के यहां की पंचायत में वोट लगते हैं, लेकिन उनका अब वार्ड में बनाई गई जातिगत सूची में नाम हटा दिया गया है। जबकि उनका परिवार वर्षों से यहां रह रहा है। वीरेंद्र प्रताप सिंह पाल ने बताया कि लोकतंत्र के अंदर एक समुदाय को ही पूरा हटा दिया गया। पाल ग्राम पंचायत से अलग एक मोतीबा नगर ग्राम पंचायत बनाई गई थी। यहां करीब 300 मेघवाल, भील, गवारिया सहित SC ST के लोग रहते हैं। यहां पर पटवारी ने वार्डो का सीमांकन किया तो तहसील के अंदर रिपोर्ट भेजी। जिसमें इस समुदाय का प्रतिनिधित्व शून्य बता दिया गया। जबकि हकीकत ये है कि वहां पर एक बड़ी आबादी रह रही है। इन लोगों के पास 1991 की पटवारी के पास की रिपोर्ट है। पिछली सात पीढ़ी से यहां लोग रह रहे हैं। पटवारी भगवाना राम पटेल की जिम्मेदारी थी कि वो यहां रहने वाले लोगों की रिपोर्ट दें, लेकिन उसने जानबूझकर दलित परिवारों का प्रतिनिधित्व समाप्त करने के लिए ऐसा किया गया। उसने उच्च अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके ऐसा किया। इसको लेकर तहसीलदार को भी ज्ञापन दिया गया। यहां पर आए मांगीलाल ने बताया कि दो बार उन्होंने पंचायत में वोट किया है। हमसे भी पुराने SC ST के लोग रहते हैं। 75 से 100 घरों की यहां बस्ती है। इसमें लगभग 450 से 500 के करीब वोटर है। नई ग्राम पंचायतों के जो आंकड़े पेश किए हैं उनके अंदर मोतीबा नगर के 11 के 11 वार्डों में एससी एसटी की जनसंख्या शून्य बताई गई है। इन्हें अन्य करके एड कर दिया गया है। ऐसा करने के पीछे का कारण यही है कि सरकार की नई ग्राम पंचायत में जनसंख्या का प्रतिनिधित्व यदि 15 प्रतिशत होता है तो SC ST को प्रतिनिधित्व मिलता है। उसे ही कम करने की कोशिश की जा रही है। यहां साल 2011 की जनगणना के अनुसार SC ST की जनसंख्या को शून्य बताया गया है। जबकि यहां कई परिवार देश की आजादी के समय से रह रहे हैं। इसको लेकर रिपोर्ट है। कुड़ी तहसीलदार नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है। मौके पर गिरदावर और पटवारी की टीम बनाई गई है। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर एक्शन लिया जाएगा।

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